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08-Mar-2021 11:21 AM
PATNA : बिहार में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के खस्ताहाल स्थिति का मामला आज बिहार विधानसभा में उठा. बिहार विधानसभा में आरजेडी के विधायक ललित यादव ने इस मामले से जुड़ा सवाल प्रश्नोत्तर काल में उठाया था. उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि आखिर प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में बिहार क्यों पिछड़ गया है.
आरजेडी विधायक के इस सवाल पर जवाब देते हुए बिहार के वित्त मंत्री सह उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद ने कहा कि उनके संज्ञान में यह मामला है. पिछले दिनों एसएलबीसी की बैठक में इस मामले को उन्होंने गंभीरता से लिया था कि सरकार ने सदन में स्वीकार किया है कि बैंकों के ऊपर सीधे सरकार की पकड़ नहीं है. राज्य सरकार समय-समय पर बैंकों को उनकी भूमिका सुधारने के लिए कहती रही है. तार किशोर प्रसाद ने कहा कि 6 मार्च को हुई एसएलबीसी की बैठक में उन्होंने पहली बार जिलाधिकारियों को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जोड़ा था. इसका मकसद यह था कि बैंकों की कार्यशैली को सुधारा जा सके.
सरकार के इस जवाब के बाद की बैंकों पर उसकी पकड़ नहीं है. विधानसभा में कई विधायकों ने इस पर सवाल खड़े किए. आरजेडी विधायक भाई बिरेंद्र, अवध बिहारी चौधरी के साथ-साथ माले के विधायक महबूब आलम ने भी सरकार के जवाब पर असंतोष जताया. महबूब आलम ने कहा कि सरकार कैसे कह सकती है कि बैंकों के ऊपर उसका नियंत्रण नहीं है. वहीं अवध बिहारी चौधरी ने कहा कि बिहार का पैसा महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में बैंक भेज रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे बैंकों की क्या जरूरत है जो बिहार में योजनाओं का लाभ यहां की जनता को नहीं देते हैं.
तार किशोर प्रसाद ने कहा कि वह बैंकों की कार्यशैली सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि आने वाले वक्त में इसमें सुधार होगा प्रधानमंत्री से जुड़ी योजना का बिहार में अगर यह हाल है तो यह वाकई उनके लिए भी चिंता का कारण है.