अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्म आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की टक्कर से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, मामा घायल भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, अवैध करेंसी के साथ 2 तस्करों को दबोचा पटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?
13-Jan-2023 11:25 PM
By MUKESH SHRIVASTAVA
PATNA: बिहार सरकार के मंत्री से लेकर महाधिवक्ता का पद संभाल चुके पीके शाही को फिर से सूबे का महाधिवक्ता यानि एडवोकेट जेनरल बनाया गया है. नीतीश सरकार ने शुक्रवार की देर रात इसकी अधिसूचना जारी कर दी. सरकारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि प्रशांत कुमार शाही यानि पीके शाही सूबे के नये महाधिवक्ता होंगे.
बता दें कि इससे पहले राज्य के महाधिवक्ता ललित किशोर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. शुक्रवार की शाम ललित किशोर के इस्तीफे की खबर आय़ी. किसी राज्य के महाधिवक्ता यानि एडवोकेट जेनरल का पद काफी अहम होता है लिहाजा न सिर्फ कोर्ट-कचहरी बल्कि सियासी हलके में कई तरह की चर्चायें हो रही थी. लेकिन देर रात राज्य सरकार के नोटिफिकेशन ने स्थिति साफ कर दी. सरकार ने पीके शाही को नया महाधिवक्ता बनाया है. बता दें कि पीके शाही पहले भी बिहार के महाधिवक्ता रह चुके हैं.
पटना हाईकोर्ट के सबसे नामचीन वकीलों में से एक पीके शाही को नीतीश कुमार बाद में राजनीति में ले आये थे. उन्हें एमएलसी बनाया गया था. उसके बाद काफी दिनों तक पीके शाही ने बिहार के शिक्षा मंत्री का भी पद संभाला. 2015 में जेडीयू-राजद की सरकार बनने के समय उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया. इसके बाद पीके शाही ने फिर से वकालत शुरू करने का एलान कर दिया था. वे एमएलसी रहते हुए वकालत के अपने पुराने पेशे में रम गये थे. हालांकि उस दौर में भी पीके शाही को एडवोकेट जेनरल बनाने का ऑफर मिला था लेकिन उन्होंने नकार दिया था.
पीके शाही के इंकार के बाद ही ललित किशोर बिहार के महाधिवक्ता बनाये गये थे. ललित किशोर की चर्चा पीके शाही के सबसे करीबी वकीलों में होती रही है. हालांकि न्याय जगत में चर्चा का विषय ये है कि पी के शाही एडवोकेट जेनरल बनने के लिए तैयार कैसे हो गये. जानकार बताते हैं कि कई मामलों में हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक बिहार सरकार की भारी किरकिरी के बाद खुद नीतीश कुमार ने कई दफे पीके शाही से बात कर एडवोकेट जेनरल बनने का आग्रह किया था. आखिरकार पीके शाही माने औऱ शुक्रवार की देर रात उन्हें एडवोकेट जेनरल बनाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया.