ब्रेकिंग न्यूज़

मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज

पहली कक्षा में दाखिले के लिए उम्र सीमा हुआ तय, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों को दिया ये आदेश

पहली कक्षा में दाखिले के लिए उम्र सीमा हुआ तय, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों को दिया ये आदेश

23-Feb-2023 11:37 AM

By First Bihar

PATNA: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है. कहा है कि वह नई शिक्षा नीति के तहत पहली कक्षा में एडमिशन लेने के लिए सभी बच्चों की न्यूनतम उम्र 6 साल कर दी है. इसको लेकर सभी राज्यों को आदेश जारी कर दिए गए है. मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि कक्षा एक में एडमिशन की उम्र 6 साल तय की जाए. जहां इस बात की जानकारी बुधवार यानी 22 फरवरी को अधिकारियों ने दी है.


शिक्षा मंत्रालय के आदेश में कहा गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रथम चरण में बच्चों की शिक्षा को मजबूत और बेहतर करने के लिए उनकी आयु सीमा बढ़ानी जरूरी है. केंद्र ने राज्यों से पूर्व-स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम में दो साल का डिप्लोमा डिजाइन करने और चलाने की प्रक्रिया शुरू करने का भी अनुरोध किया है.


बता दे राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में शुरुआती दौर मेंबच्चों के सीखने की शक्ति और समझ को विकसित करने की सिफारिश करती है. पहले यानि मूलभूत चरण में सभी बच्चों जो 3 से 8 वर्ष के बीच के लिए पांच साल सीखने के अवसर होते हैं, जिसमें तीन साल की प्री-स्कूल शिक्षा और दो साल की प्रारंभिक प्राथमिक ग्रेड-I और ग्रेड- II शामिल हैं. अब इस नए बदलाव को राज्य स्तर पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है.