ब्रेकिंग न्यूज़

medical negligence : डॉक्टर की लापरवाही से महिला की मौत! ऑपरेशन के दौरान पेट में छोड़ी कैंची, अब चली गई जान Bagaha railway gate attack : रेलवे गेट पर हमला, गेटमैन को पीटकर किया बेहोश; दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन Teacher Transfer 2026 : शिक्षकों को इस दिन तक मिल जाएंगे स्कूल, ट्रांसफ़र-पोस्टिंग को लेकर विभाग ने जारी किया नया अपडेट cigarette price hike India : 1 फरवरी से महंगे होंगे गुटखा, बीड़ी और सिगरेट, सरकार ने बढ़ाया टैक्स; अधिसूचना जारी Bihar healthcare : डॉक्टरों के लिए दवा पर्चे पर जेनेरिक नाम लिखना अनिवार्य, यह निर्देश भी हुआ जारी working women hostel Bihar : कामकाजी महिलाओं के लिए फ्री हॉस्टल शुरू, सिर्फ 3000 रुपये मासिक भोजन शुल्क; 50 बेड की क्षमता Bihar land acquisition : बिहार में जमीन मुआवजा समस्याओं का तुरंत समाधान, रैयत अब सप्ताह में दो दिन भू-अर्जन पदाधिकारी से कर सकते हैं संपर्क Patna encounter : पटना में सुबह -सुबह एनकाउंटर, पुलिस ने कुख्यात अपराधी मैनेजर राय को मारी गोली; हत्या और रंगदारी-लूट मामलों में था शामिल Patna High Court news : पटना हाईकोर्ट में नया चीफ जस्टिस, जस्टिस संगम कुमार साहू होगें मुख्य न्यायाधीश Patna municipal corporation : पटना में 26 प्रमुख सड़कों से आज से अतिक्रमण हटाने का विशेष अभियान शुरू; डीएम ने दी सख्त चेतावनी

सांसों की सौदेबाजी का दोषी कोई नहीं: PMCH ऑक्सीजन घोटाले में प्रबंधन ने कोर्ट में स्वीकारा कि आरोप सही थे, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं

सांसों की सौदेबाजी का दोषी कोई नहीं: PMCH ऑक्सीजन घोटाले में प्रबंधन ने कोर्ट में स्वीकारा कि आरोप सही थे, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं

18-May-2021 08:45 PM

PATNA : बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PMCH में ऑक्सीजन घोटाले की जांच रिपोर्ट सही थी. मंगलवार को पीएमसीएच प्रशासन ने ये स्वीकारा कि हाईकोर्ट की टीम ने जो गड़बड़ी पकड़ी थी वह सही थी. लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई की सूचना कोर्ट को नहीं दी गयी. पीएमसीएच ने कहा कि आगे से ऐसा नहीं हो इसका ख्याल रखा जायेगा औऱ कोर्ट ने इसे मान लिया.


गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट की जांच टीम ने बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन का घोटाला पकड़ा था. वह भी तब जब पूरे बिहार में ऑक्सीजन के लिए त्राहिमाम मचा था. हाईकोर्ट के कोर्ट मित्र बनाये गये अधिवक्ता मृगांक मौली ने कोर्ट को पूरे मामले की जानकारी दी थी. मंगलवार को हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई.


अस्पताल प्रबंधन ने माना गड़बड़ी हुई
मंगलवार को ऑक्सीजन घोटाले पर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पीएमसीएच की ओऱ से सीनियर एडवोकेट पीके शाही पेश हुए. उन्होंने कोर्ट को बताया कि कोर्ट मित्र मृगांक मौली ने अपनी रिपोर्ट में जो आंकड़े दिये थे, उस पर कोई सवाल नहीं खड़ा किया जा रहा है. पीएमसीएच प्रशासन को भी जब वह रिपोर्ट मिली तब कार्रवाई की गयी है. अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो उसे ठीक कर लिया गया है. पीएमसीएच प्रबंधन ने कहा कि आगे से ऐसी गड़बड़ी नहीं होगी.


कोर्ट ने पीएमसीएच की इस दलील को मान भी लिया. मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि पीएमसीएच प्रशासन ये अंडरटेकिंग दे कि अब ऑक्सीजन सप्लाई में कोई गड़बड़ी नहीं होगी. अस्पताल में न ऑक्सीजन की कमी होगी और न मरीजों को दिक्कत होगी. पीएमसीएच प्रशासन ने कोर्ट को बताया कि मई महीने के अंत तक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट काम करना शुरू कर देगा. 


सांसों का घोटाला- दोषी कोई नहीं
गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जब पीएमसीएच की जांच की गयी थी तब ऑक्सीजन घोटाला सामने आया था. हाईकोर्ट में शिवानी कौशिक औऱ दूसरे लोगों की ओऱ से जारी जनहित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने पीएमसीएच में ऑक्सीजन की खपत की जांच करने को कहा था. ये तब का मामला है जब पूरे बिहार में ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा था. हर रोज ऑक्सीजन के अभाव में लोगों की ताबड़तोड़ मौत हो रही थी.पटना हाईकोर्ट की जांच टीम ने पाया कि पीएमसीएच में एक दिन में भर्ती हुए मरीजों को डॉक्टर के मानदंड के अनुसार जहां 150 ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत थी, वहां 348 सिलेंडर की खपत दिखा दी गयी. हद ये था कि अस्पताल के महिला 


रोग वार्ड में भर्ती तीन महिलाओं पर एक दिन में 32 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत दिखा दिया गया था. जांच में ये निष्कर्ष आने के बाद कोर्ट द्वारा नियुक्त किये गये कोर्ट मित्र मृगांक मौली ने अपनी रिपोर्ट दी थी.