Bihar Crime News: फायरिंग मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, छह लोगों को किया गिरफ्तार; पिस्टल और गोलियां बरामद Bihar Crime News: फायरिंग मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, छह लोगों को किया गिरफ्तार; पिस्टल और गोलियां बरामद Bihar News: राज्यसभा की पांचों सीट पर NDA प्रत्याशी जीते, जेडीयू महासचिव बोले– नीतीश कुमार के नेतृत्व की जीत सरकारी भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने राज्य में 10 उड़नदस्ता टीमें गठित, विशेष जांच अभियान ‘राज्यसभा चुनाव में BJP ने की विधायकों की खरीद-फरोख्त’, मुकेश सहनी का बड़ा आरोप ‘राज्यसभा चुनाव में BJP ने की विधायकों की खरीद-फरोख्त’, मुकेश सहनी का बड़ा आरोप Bihar Ips Officer: बिहार के 2 आईपीएस अधिकारियों की CBI में हुई नियुक्ति...बनाए गए SP, सरकार ने किया विरमित बिहार में पैक्स और एफपीओ को उद्यमी के रूप में किया जाएगा विकसित, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर बिहार में पैक्स और एफपीओ को उद्यमी के रूप में किया जाएगा विकसित, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर चिराग पासवान की इफ्तार पार्टी में शामिल हुए CM नीतीश, राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद पहुंचे पार्टी कार्यालय
07-Aug-2021 10:03 PM
PATNA: पटना नगर निगम की मेयर सीता साहू के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आज खारिज हो गया है। शनिवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद वोटिंग के दौरान सिर्फ 30 पार्षद ही उपस्थित थे। इनमें कुल 7 पार्षदों ने वोट किया। 2 पार्षदों ने सीता साहू के खिलाफ जबकि 5 ने उनके समर्थन में वोट डालें। जबकि 23 पार्षदों ने वोटिंग में हिस्सा ही नहीं लिया। ऐसे में सीता साहू के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया।
सीता साहू को हटाने के लिए जरूरी 38 मत नहीं पड़े जिसके चलते अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया। पटना नगर निगम की मेयर सीता साहू ने कहा कि उनके खिलाफ जो भी प्रस्ताव लाए गए थे वो निराधार थे। हमारे खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का कोई आधार ही नहीं था। हम पार्षदों का भरोसा जीतने में सफल रहे। पटना सपनों का शहर बनेगा। जीत के बाद उन्होंने बाकी बचे नौ महीने में पटना को बेहतर शहर बनाने का दावा किया।
गौरतलब है कि सीता साहू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था लेकिन उनकी कुर्सी बची रहगी इस बात का भरोसा उन्हें पहले से ही था। क्योंकि जिस विरोधी गुट की अगुवाई पूर्व डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू, मीरा देवी सहित दूसरे पार्षद कर रहे थे। वे मतदान के दौरान कहीं नहीं दिखे। वहीं जिन 29 पार्षदों ने उन्हें हटाने को लेकर निगम आयुक्त को पत्र लिखा था। उस पत्र में विरोधी गुट के बड़े चेहरे माने जाने वाले पार्षद का हस्ताक्षर ही नहींं था। पिछले दो साल में ये तीसरा मौका था जब सीता साहू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था।