ब्रेकिंग न्यूज़

सुपौल में लूटकांड का खुलासा, कैश के साथ अपराधी गिरफ्तार मधुबनी में पेट्रोल पंप कर्मी पर हमला: पैसे छीनकर भागे अपराधी CCTV में कैद मुजफ्फरपुर: नए साल के जश्न के बीच सिटी पार्क के पास मारपीट, दो गुटों में जमकर चले लात-घूसे, वीडियो वायरल Bihar Bhumi: पटना के भू अर्जन अधिकारी- बिहटा CO समेत 10 अफसरों पर करप्शन का केस, साल के पहले दिन ही विजिलेंस का बड़ा एक्शन.. गर्लफ्रेंड के साथ नए साल का जश्न मनाते पत्नी ने पकड़ा, गाड़ी का शीशा तोड़ बीच सड़क पर किया हंगामा नए साल का जश्न मातम में बदला: भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत, परिजनों में मचा कोहराम बगहा: शॉर्ट सर्किट से दो घरों में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान, खूंटे में बंधी 4 बकरियां जिंदा जली बांग्लादेश में एक और हिंदू को जिंदा जलाने की कोशिश, चाकुओं से गोदकर शरीर पर डाला पेट्रोल बिहार बाल वैज्ञानिक शोध कार्यक्रम 2025: विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम, 14वीं बार राज्य पुरस्कार के लिए हुआ चयन Bihar Bhumi: नए साल के पहले दिन जमीन मालिकों को नया तोहफा...CO-DCLR की मनमानी पर चला हथौड़ा ! संविधान के अनुच्छेद-14 और Parity Principle का हर हाल में करना होगा पालन

नीतीश के गुड गवर्नेंस पर हाईकोर्ट ने उठाये सवाल, कोरोना से हुई मौतों की सही जानकारी नहीं देने पर जतायी नाराजगी

नीतीश के गुड गवर्नेंस पर हाईकोर्ट ने उठाये सवाल, कोरोना से हुई मौतों की सही जानकारी नहीं देने पर जतायी नाराजगी

19-Jun-2021 08:27 AM

PATNA : बिहार में नीतीश सरकार भले ही सुशासन का दावा करती हो लेकिन अब सरकार के ऊपर पटना हाईकोर्ट ने सरकार के गुड गवर्नेंस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जी हां, सूबे में कोरोना से हुई मौतों का सही आंकड़ा सामने नहीं आने के बाद हाईकोर्ट ने सरकार के ऊपर यह कड़ी टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कोरोना।से हुई मौतों के सही आंकड़े नहीं देने के लिए सरकार से नाराजगी भी जताई है। हाईकोर्ट ने शिवानी कौशिक समेत अन्य की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सरकार को कहा है कि कोरोना से हुई मौतों के बारे में सही जानकारी नहीं देना सरकार का अड़ियल रुख बताता है जो कहीं से भी उचित नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा है कि यह ना तो कानूनन सही है और ना ही यह गुड गवर्नेंस की कसौटी पर खरा उतरता है। 


हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि पारदर्शिता ही गुड गवर्नेंस की कसौटी है और जब केंद्र और राज्य सरकार नेशनल डाटा शेयरिंग एक्सेसिबिलिटी पॉलिसी 2012 को सफल बनाने में जुटी हुई हो तब यह और जरूरी हो जाता है। सरकार को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह बताना चाहिए कि राज्य में कोरोना से कितनी मौतें हुई। राज्य की जनता को यह जानने का कानूनी अधिकार है। हाईकोर्ट ने कहा कि कितनी जानें गई यह जानना लोगों का मौलिक हक भी है। हाईकोर्ट ने इस बात पर भी अफसोस जाहिर किया कि बार-बार कहने के बावजूद सरकार जन्म मृत्यु के तमाम पोर्टल पर अपडेट कर उसे जनता के सामने खोलने में आनाकानी कर रही है। हाईकोर्ट ने सरकार की उस दलील को भी खारिज किया कि यह पोर्टल आम पब्लिक के लिए नहीं खोले जा सकते क्योंकि वह भारत सरकार के अधीन होते हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि बिहार में रह रहे लोगों की पहुंच राज्य के जन्म मृत्यु से जुड़े तमाम जानकारियां डिजिटल पोर्टल पर समय अपडेट होते रहे।


पटना हाईकोर्ट ने सरकार को स्पष्ट तौर पर कहा है कि सभी पोर्टल पर पिछले एक साल से कोरोना से मौतों की सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। सभी पोर्टल पारदर्शी और जनसुलभ हों। हाईकोर्ट ने 28 पन्नों के आदेश में यह तय किया है कि कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों को जानना लोगों का मौलिक अधिकार है और सटीक आंकड़े देना सरकार का संवैधानिक दायित्व है। कोर्ट ने सरकार की उदासीनता के पीछे की वजह भी जानी चाही है।