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21-Mar-2023 08:20 AM
By First Bihar
PATNA: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बातें अब सियासी जानकारों को हैरान करने लगी हैं. सोमवार को विधानसभा में नीतीश कुमार ने दावा कर दिया कि वे स्व.अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री के कार्यकाल में केंद्र सरकार में गृह मंत्री थे. हद देखिये, नीतीश कुमार के इस दावे के बाद विधानसभा में मौजूद सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायक मेज थपथपा कर कर उन्हें दाद देने लगे. लेकिन सियासी जानकार हैरान थे, क्योंकि अटल जी के प्रधानमंत्री काल में नीतीश कुमार गृह मंत्री रहे ही नहीं.
जब मैं गृह मंत्री था
ये वाकया सोमवार को बिहार विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल का है. बीजेपी विधायक नीतीश मिश्रा ने सरकार से सवाल पूछा था कि वह खिलाडियों को सरकारी नौकरी क्यों नहीं दे रही है. बिहार में 2014 से ही खिलाड़ियों को नौकरी देने की नीति है लेकिन इस सरकार ने नौकरी नहीं दिया. सवाल का जवाब मंत्री विजेंद्र यादव दे रहे थे. BJP विधायक लगातार सवाल पूछे जा रहे थे. इसी दौरान नीतीश कुमार बोलने के लिए उठ खडे हुए. अब देखिये नीतीश कुमार ने विधानसभा में क्या कहा.
“सुनिये, बात को भूल रहे हैं. जब श्रद्धेय अटल जी की सरकार थी और उनकी सरकार में हम गृह मंत्री थे तो हमने गृह मंत्रालय में खिलाडियों को नौकरी देने का काम शुरू किया, सबसे पहले देश में.”
नीतीश का ये कहना था कि सत्ता पक्ष के विधायकों ने मेज थपथपा कर उनकी बात का समर्थन करना शुरू कर दिया. लेकिन विधानसभा में मौजूद कई पत्रकार और राजनेता हैरान थे. अटल जी की सरकार में नीतीश कुमार गृह मंत्री कब थे? लोगों ने एक दूसरे से ये सवाल पूछा. किसी के पास जवाब नहीं था. दरअसल देश में तीन दफे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी. 1996 में अटल जी को पहली दफे प्रधानमंत्री बनाया गया था. सिर्फ 16 दिनों तक ये सरकार चली थी और अटल जी ने इस्तीफा दे दिया था. उस सरकार में मुरली मनोहर जोशी को गृह मंत्री बनाया गया था.
बाद में 1998 में अटल जी की फिर से सरकार बनी जो 13 महीने चली. 1999 में चुनाव हुए तो फिर से अटल जी प्रधानमंत्री बने थे और ये सरकार 2004 तक चली थी. 1998 से लेकर 2004 तक अटल जी की सरकार में लालकृष्ण आडवाणी गृह मंत्री सह उप प्रधानमंत्री थे. कुछ पत्रकारों ने विकीपीडिया से लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के रिकार्ड खंगाल डाले. तमाम रिकार्ड को तलाशने पर भी ये पता नहीं चला कि नीतीश जी कब देश के गृह मंत्री थे. हां, नीतीश कुमार ने 1998 से 2004 तक चली अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रेलवे मंत्री, सड़क परिवहन मंत्री और कृषि मंत्री का जिम्मा जरूर संभाला था.
सवाल भी याद रख नहीं पाये नीतीश
अटल जी के समय देश का गृह मंत्री होने का दावा कर चुके नीतीश कुमार आगे भी बोले. वे खिलाडियों की नियुक्ति पर उठे सवाल का जवाब देना चाहते थे लेकिन उन्हें सवाल ही याद नहीं रहा. सदन में खडे होकर वे पूछने लगे कि सवाल क्या था. मंत्री विजय चौधरी ने उनकी मदद करने की कोशिश की लेकिन नीतीश कुमार विधानसभा की प्रश्न पुस्तिका में सवाल नहीं तलाश पाये. इस बीच विधानसभा अध्यक्ष के सचिव भी मुख्यमंत्री की मदद करने आये. बड़ी मुश्किल से नीतीश वह सवाल ढूढ पाये जिसका जवाब देने के लिए वे उठ खड़े हुए थे.
जवाब देते हुए लडखड़ाये
सवाल तो मिल गया लेकिन जवाब देने में नीतीश कुमार फिर गड़बड़ा गये. उन्होंने सवाल पूछने वाले भाजपा विधायक से कहा-“साल ‘21 सौ 14’ वाला भी हम देखे हैं. आप लोगों की बात हम सुन रहे थे. ठीक है, आपका सुझाव है, इस पर हम तत्काल ‘गौरव’ करवायेंगे.”
बिहार के मुख्यमंत्री 2014 की खेल नीति को 2114 की नीति बता बैठे. वे उस पर तत्काल गौर करने के बजाय ‘गौरव’ कराने की बात कह गये. नीतीश कुमार की इस घोषणा के बाद सवाल पूछने वाले बीजेपी विधायक चुपचाप बैठ गये. लेकिन नीतीश कुमार की बातों से उन्हें जानने वाले हैरान थे. अपने राजनीतिक जीवन में नीतीश कुमार सोंच समझ कर बेहद सधे हुए तरीके से बात रखने के लिए जाने जाते रहे हैं. अब सदन में ऐसी गलतियां उनसे कैसे हो रही है, ये सोंच कर लोग हैरान हैं.