ब्रेकिंग न्यूज़

Patna Medical College : PMCH में शिफ्टिंग की तारीख तय, फरवरी के इस डेट से नए भवन में शिफ्ट हो जाएंगे यह दो विभाग मुंगेर में रिश्तों का कत्ल: 13 वर्षीय छात्र की गला दबाकर हत्या, मुंहबोले दादा पर घर के चिराग को बुझाने का आरोप Indian Railway new rules : यदि दोस्तों के साथ जाना चाह रहे गोवा- मनाली या परिवार के वैष्णों देवी; तो जरूर पढ़ लें यह खबर, रेलवे ने नियमों में किया बड़ा बदलाव Bihar land registry : बिहार में इस महीने से बदल रहे जमीन रजिस्ट्री के नियम, सरकार का निर्णय; इन लोगों को होगा बड़ा फायदा Bihar politics : अपराधियों का राजनीति में आना दुर्भाग्य, बोले BJP विधायक – पप्पू यादव को जेल में ही रहना चाहिए Patna Metro : होली बाद शुरू होगा इन दो स्टेशनों के बीच सफर, इस महीने के अंतिम सप्ताह तक जांच के लिए दिल्ली से आएगी टीम rape murder news : बिहार में 6 साल की बच्ची से दरिंदगी, खून से लथपथ मिली लाश; ग्रामीणों में आक्रोश Nursing admission scam : "ससुराल में रहो, पढ़-लिखकर क्या करोगी?" नर्सिंग एडमिशन के नाम पर 70 हजार की ठगी, मास्टरमाइंड गिरफ्तार; जानिए फिर भी क्यों पुलिस पर उठे सवाल Bihar Crime News : बिहार में बेखौफ बदमाशों का तांडव, ई-रिक्शा चालक और डिलीवरी बॉय को मारा चाकू, लूट की घटना को दिया अंजाम Panchayat Secretary Scam : बिहार पंचायत सचिव का बड़ा कारनामा, डकार गए 1 करोड़ से अधिक की सरकारी राशि; FIR दर्ज

NHRC ने प्रत्यय अमृत समेत मुजफ्फरपुर के DM - SSP को किया दिल्ली तलब, जानिए क्या है पूरा मामला

NHRC ने प्रत्यय अमृत समेत मुजफ्फरपुर के DM - SSP को किया दिल्ली तलब, जानिए क्या है पूरा मामला

07-Oct-2023 11:47 AM

By First Bihar

MUZAFFARPUR : सरकारी अव्यवस्था के कारण अपनी दोनों किडनी गंवा चुकी सुनीता को इंसाफ दिलाने की आवाज लगातार सदन से सड़क तक उठी। उसके बाद अब इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव तथा जिले के डीएम व एसएसपी को आयोग के समक्ष सदेह उपस्थित होने का आदेश दिया है। इसके साथ-ही-साथ आयोग ने मुख्य सचिव व डीजीपी बिहार को आदेश का अनुपालन कराने को अधिकृत किया है।


मालूम हो कि,राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से पीड़िता के किडनी प्रत्यारोपण पर चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट की मांग की थी। इसके साथ ही आयोग ने एसएसपी व डीएम मुजफ्फरपुर से मामले के सम्बन्ध में वर्तमान स्थिति से संबंधित रिपोर्ट की मांग की थी, जो आयोग को आजतक अप्राप्त है। इतना ही नहीं सुनीता को किडनी प्रत्यारोपित किए जाने की दिशा में भी प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई सकारात्मक पहल अबतक नहीं की गई है। इसके बाद 13 नवंबर को तीनो अधिकारियों को सदेह उपस्थित होने का आदेश दिया।


इसके बाद अब आयोग ने इस मामले को गंभीरतापूर्वक लेते हुए मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा- 13 के तहत नोटिस जारी कर 13 नवंबर 2023 को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव तथा जिले के डीएम व एसएसपी को आयोग के समक्ष सदेह उपस्थित होने का आदेश दिया है। जिसके बाद अब इस मामले में बिहार सरकार के वरीय अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। 


उधर,मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एस. के. झा ने बताया कि पीड़िता की हालत दिनों-दिन ख़राब होती जा रही है। लेकिन आयोग के आदेश के बावजूद उसे किडनी प्रत्यारोपित किए जाने हेतु प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग द्वारा अबतक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। जो मानवाधिकार उल्लंघन के अतिगंभीर कोटि का मामला है। उन्होंने आयोग के द्वारा उठाये गए इस कदम को आवश्यक व सराहनीय बताया है।