ब्रेकिंग न्यूज़

Patna Metro : 26 मार्च को पटना मेट्रो फेज-2 का उद्घाटन संभव, चार स्टेशनों के बीच शुरू होगा सफर बिहार के इस जिले में करीब दर्जनभर सड़कों की बदलेगी सूरत, सरकार खर्च करेगी इतने करोड़ बिहार के इस जिले में करीब दर्जनभर सड़कों की बदलेगी सूरत, सरकार खर्च करेगी इतने करोड़ RTO online services : घर बैठे बनाएं लर्निंग लाइसेंस! RTO जाने की झंझट खत्म, मिनटों में पूरा होगा प्रोसेस बिहार में भगवान भी सुरक्षित नहीं: हनुमान मंदिर से लाखों के गहने चोरी, चांदी का गदा और अन्य कीमती सामान चुरा ले गए चोर बिहार की शिक्षा व्यवस्था में जल्द होने जा रहा बड़ा बदलाव, 80 हजार सरकारी स्कूलों में इस महीने से लागू होगी शैक्षणिक सुधार योजना बिहार की शिक्षा व्यवस्था में जल्द होने जा रहा बड़ा बदलाव, 80 हजार सरकारी स्कूलों में इस महीने से लागू होगी शैक्षणिक सुधार योजना देशभर के मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, अब हर मरीज के लिए आभा नंबर जरूरी; बिहार में भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था देशभर के मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, अब हर मरीज के लिए आभा नंबर जरूरी; बिहार में भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था Bihar news : बड़ी लापरवाही! शौचालय का वेंटिलेटर तोड़कर दो लड़कियां फरार, प्रशासन में हड़कंप

Home / news / नृत्य सम्राट बिरजू महाराज का निधन, हमेशा के लिए रुक गयी कदमों की...

नृत्य सम्राट बिरजू महाराज का निधन, हमेशा के लिए रुक गयी कदमों की ताल

17-Jan-2022 08:13 AM

DESK : कथक के सरताज बिरजू महाराज का निधन हो गया है. दिल का दौरा पड़ने से 83 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली. प्रतिष्ठित पद्म विभूषण सम्मान से नवाजे जा चुके बिरजू महाराज को दुनिया भर में लोग कथक सम्राट के तौर पर जानते थे। लखनऊ घराने से ताल्लुक रखने वाले बिरजू महाराज का जन्म 4 फरवरी 1938 को हुआ था। 


बिरजू महाराज कथक में नृत्य करने के साथ-साथ शास्त्रीय गायक भी थे और यही वजह थी कि उनकी स्टेज पर केमिस्ट्री कमाल की नजर आती थी। बिरजू महाराज के पिता और गुरु अच्छन महाराज, चाचा शंभू महाराज और लच्छू महाराज भी जाने-माने कथक नर्तक रहे थे। 


बिरजू महाराज ने देवदास, डेढ़ इश्किया, उमराव जान और बाजीराव मस्तानी जैसी फिल्मों में कोरियोग्राफी भी की। इतना ही नहीं उन्होंने सत्यजीत राय की मशहूर फिल्म शतरंज के खिलाड़ी में संगीत भी दिया था।


बिरजू महाराज को 1983 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था. इसके साथ ही इन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और कालिदास सम्मान भी मिला है.