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06-Apr-2024 03:24 PM
By First Bihar
DESK: नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त का मामला देश की राजधानी दिल्ली में सामने आई है। जहां पुलिस और सीबीआई की टीम ने एक घर में छापेमारी की। जिसके बाद 8 नवजात शिशुओं का रेस्क्यू किया गया। सीबीआई ने मानव तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश करते हुए सात लोगों को भी दबोचा है। जिनसे पूछताछ की जा रही है।
इन मानव तस्करों की निशानदेही के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दरअसल सीबीआई और पुलिस की यह रेड दिल्ली के केशव पुरम इलाके में चली। जहां नवजात शिशुओं को देखकर सीबीआई और पुलिस की टीम भी हैरान रह गयी। बरामद 8 नवजात बच्चों की उम्र की यदि बात की जाए तो एक शिशु तो सिर्फ जन्म के 40 घंटे का है तो कुछ 12 दिन का है। सीबीआई की टीम अब बरामद बच्चों का डिटेल्स निकालने में जुट गयी है। यह बता लगाया जा रहा है कि इन बच्चों को कहां से लाया गया है।
शुरुआती जांच में यह मामला नवजात शिशुओं की खरीद फरोख्त का प्रतीत हो रहा है। नवजात शिशुओं को बेचने वाली महिला और खरीदने वाले शख्स से भी पूछताछ की जा रही है। वही इस मामले में एक अस्पताल में काम करने वाले वार्ड बॉय को भी दबोचा गया है जिससे भी पूछताछ जारी है। सीबीआई अधिकारी की माने तो जिन्हें किसी कारणवश बच्चा नहीं होता था वैसे लोगों को सोशल मीडिया के जरिये ये लोग बच्चा उपलब्ध कराते थे।
जो बच्चे को गोद लेने को इच्छुक होते थे उनसे फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से बातचीत करते थे। ये लोग सरोगेट मां से भी बच्चे खरीदते थे और उसे गोद लेने वालों को चार से छह लाख तक में बेचा करते थे। इस बड़े नेटवर्क का सीबीआई ने दिल्ली पुलिस की मदद से खुलासा किया है। फिलहाल आगे की कार्रवाई जारी है।
DESK: नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त का मामला देश की राजधानी दिल्ली में सामने आई है। जहां पुलिस और सीबीआई की टीम ने एक घर में छापेमारी की। जिसके बाद 8 नवजात शिशुओं का रेस्क्यू किया गया। सीबीआई ने मानव तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश करते हुए सात लोगों को भी दबोचा है। जिनसे पूछताछ की जा रही है।
इन मानव तस्करों की निशानदेही के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दरअसल सीबीआई और पुलिस की यह रेड दिल्ली के केशव पुरम इलाके में चली। जहां नवजात शिशुओं को देखकर सीबीआई और पुलिस की टीम भी हैरान रह गयी। बरामद 8 नवजात बच्चों की उम्र की यदि बात की जाए तो एक शिशु तो सिर्फ जन्म के 40 घंटे का है तो कुछ 12 दिन का है। सीबीआई की टीम अब बरामद बच्चों का डिटेल्स निकालने में जुट गयी है। यह बता लगाया जा रहा है कि इन बच्चों को कहां से लाया गया है।
शुरुआती जांच में यह मामला नवजात शिशुओं की खरीद फरोख्त का प्रतीत हो रहा है। नवजात शिशुओं को बेचने वाली महिला और खरीदने वाले शख्स से भी पूछताछ की जा रही है। वही इस मामले में एक अस्पताल में काम करने वाले वार्ड बॉय को भी दबोचा गया है जिससे भी पूछताछ जारी है। सीबीआई अधिकारी की माने तो जिन्हें किसी कारणवश बच्चा नहीं होता था वैसे लोगों को सोशल मीडिया के जरिये ये लोग बच्चा उपलब्ध कराते थे।
जो बच्चे को गोद लेने को इच्छुक होते थे उनसे फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से बातचीत करते थे। ये लोग सरोगेट मां से भी बच्चे खरीदते थे और उसे गोद लेने वालों को चार से छह लाख तक में बेचा करते थे। इस बड़े नेटवर्क का सीबीआई ने दिल्ली पुलिस की मदद से खुलासा किया है। फिलहाल आगे की कार्रवाई जारी है।