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11-Apr-2023 03:30 PM
By First Bihar
PATNA: आखिरकार लंबे इंतजार के बाद बिहार सरकार ने सोमवार को शिक्षक नियुक्ति के लिए नयी नियमावली को मंजूरी दे दी है। बिहार के शिक्षा मंत्री पिछले तीन महीने से एलान कर रहे थे कि शिक्षक नियुक्ति की नयी नियमावली तैयार है और जल्द ही कैबिनेट से पास होगा। आखिरकार इस नियमावली को कैबिनेट से मंजूरी दे दी गयी। नई शिक्षक नियुक्ति नियमावली पर मुहर लगने के बाद टीईटी और एसटीईटी अभ्यर्थी सरकार के इस फैसले के खिलाफ सामने आ गये हैं।
पटना स्थित राजद कार्यालय के बाहर इन अभ्यर्थियों ने जमकर प्रदर्शन किया और नीतीश-तेजस्वी के खिलाफ नारेबाजी की। अभ्यर्थियों ने सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा कि नियमावली पर मुहर लगने के बाद यह बात सामने आई है कि बीपीएससी अब परीक्षा आयोजित करेगी और इस परीक्षा में पास करने वाले ही नियोजित से नियमित शिक्षक बन पाएंगे। उन्हें सरकारी कर्मी माना जाएगा और हर तरह की सरकारी सुविधाएं दी जाएगी।
कैबिनेट में पास हुई इस नियमावली का एसटीईटी और टीईटी अभ्यर्थियों ने कड़ा विरोध किया। शिक्षक बहाली की इस नई नियमावली को काला फरमान बताया। अभ्यर्थियों का कहना है कि एसटीईटी टीईटी प्रतियोगिता परीक्षा थी जिसे हम पास कर चुके हैं तो फिर से एक बार क्यों प्रतियोगिता परीक्षा ली जाएगी। इसे हर हाल में वापस लेना होगा। ये चाचा भतीजा की सरकार बिहार की जनता को मूर्ख बनाना चाहती है। दलित और गरीब के बच्चों को शिक्षक बनाना नहीं चाहती। सिर्फ पेंच फंसाना चाहती है ताकि कभी वे सरकारी टीचर ना बने।
अभ्यर्थियों ने कहा कि हम इस नियमावली का विरोध करते हैं। यह नियमावली बहाली घोटाला का विरोध करते हैं। 2019 के अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि जब हमने परीक्षा पास की है तब नियुक्ति क्यों नहीं किया जा रही है। सरकार को नई नियमावली पर फिर से विचार करना होगा। जब तक सरकार इस पर विचार नहीं करेगी तब आंदोलन जारी रहेगा।
PATNA: आखिरकार लंबे इंतजार के बाद बिहार सरकार ने सोमवार को शिक्षक नियुक्ति के लिए नयी नियमावली को मंजूरी दे दी है। बिहार के शिक्षा मंत्री पिछले तीन महीने से एलान कर रहे थे कि शिक्षक नियुक्ति की नयी नियमावली तैयार है और जल्द ही कैबिनेट से पास होगा। आखिरकार इस नियमावली को कैबिनेट से मंजूरी दे दी गयी। नई शिक्षक नियुक्ति नियमावली पर मुहर लगने के बाद टीईटी और एसटीईटी अभ्यर्थी सरकार के इस फैसले के खिलाफ सामने आ गये हैं।
पटना स्थित राजद कार्यालय के बाहर इन अभ्यर्थियों ने जमकर प्रदर्शन किया और नीतीश-तेजस्वी के खिलाफ नारेबाजी की। अभ्यर्थियों ने सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा कि नियमावली पर मुहर लगने के बाद यह बात सामने आई है कि बीपीएससी अब परीक्षा आयोजित करेगी और इस परीक्षा में पास करने वाले ही नियोजित से नियमित शिक्षक बन पाएंगे। उन्हें सरकारी कर्मी माना जाएगा और हर तरह की सरकारी सुविधाएं दी जाएगी।
कैबिनेट में पास हुई इस नियमावली का एसटीईटी और टीईटी अभ्यर्थियों ने कड़ा विरोध किया। शिक्षक बहाली की इस नई नियमावली को काला फरमान बताया। अभ्यर्थियों का कहना है कि एसटीईटी टीईटी प्रतियोगिता परीक्षा थी जिसे हम पास कर चुके हैं तो फिर से एक बार क्यों प्रतियोगिता परीक्षा ली जाएगी। इसे हर हाल में वापस लेना होगा। ये चाचा भतीजा की सरकार बिहार की जनता को मूर्ख बनाना चाहती है। दलित और गरीब के बच्चों को शिक्षक बनाना नहीं चाहती। सिर्फ पेंच फंसाना चाहती है ताकि कभी वे सरकारी टीचर ना बने।
अभ्यर्थियों ने कहा कि हम इस नियमावली का विरोध करते हैं। यह नियमावली बहाली घोटाला का विरोध करते हैं। 2019 के अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि जब हमने परीक्षा पास की है तब नियुक्ति क्यों नहीं किया जा रही है। सरकार को नई नियमावली पर फिर से विचार करना होगा। जब तक सरकार इस पर विचार नहीं करेगी तब आंदोलन जारी रहेगा।