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06-Aug-2024 10:10 PM
By First Bihar
ARARIA: बीते 4 अगस्त को अररिया में पुल से जुड़ी एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई थी। ग्रामीण कार्य विभाग के कारनामें से इलाके के लोग भी हैरान थे। दरअसल, बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग का कारनामा देखकर ग्रामीण दांतों तले ऊंगलियां दबाने को विवश हो गए थे। विभाग ने लाखों रुपए खर्च कर नदी की जगह पुल का निर्माण बीच खेत में कर दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने इसकी जांच के आदेश दिये हैं।
अररिया जिलाधिकारी इनायत खान ने कहा कि विशेषज्ञों की एक टीम उस जगह का दौरा कर रही है जहां पुल बनाया गया है। जो पुल को बनाने की व्यवहारिकता की जांच करेगी। जांच के बाद टीम विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। यदि इस मामले में दोषी पाए गये तो अधिकारियों और इंजीनियरों पर कार्रवाई की जाएगी।
वही ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपए की लागत से बने इस पुल की कोई जरुरत नहीं थी। पुल का निर्माण नदी पर होना चाहिए था लेकिन उसकी जगह खेत के बीचो-बीच पुल बना दिया गया, जो शोभा की वस्तु बनकर रह गई है।
मामला रानीगंज विधानसभा अंतर्गत परमानंदपुर सर्द संख्या 6 का है, जहां ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा पुल का निर्माण खेत में करवा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 6 महीने पहले पुल का निर्माण करवाया गया था, जो निजी जमीन पर बनवाया गया है। जिस जगह पर पुल बना है वहां नदी है ही नहीं बल्कि नदी उससे काफी दूर है।
ग्रामीणों ने कहा कि कुछ बिचौलियों की मिलीभगत से उक्त स्थान पर पुल बना दिया गया और उसे सड़क से भी नहीं जोड़ा गया है और न ही अप्रोच का निर्माण करवाया गया है। जिससे पुल किसी काम का नहीं है। एक ग्रामीण ने कहा कि पुल जहां बना है उसके बाद ग्रामीणों की लगभग 500 एकड़ जमीन है। अगर सही ढंग से पुल का निर्माण होता तो ग्रामीण खेतों तक आसानी से पहुंच सकते थे।
ARARIA: बीते 4 अगस्त को अररिया में पुल से जुड़ी एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई थी। ग्रामीण कार्य विभाग के कारनामें से इलाके के लोग भी हैरान थे। दरअसल, बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग का कारनामा देखकर ग्रामीण दांतों तले ऊंगलियां दबाने को विवश हो गए थे। विभाग ने लाखों रुपए खर्च कर नदी की जगह पुल का निर्माण बीच खेत में कर दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने इसकी जांच के आदेश दिये हैं।
अररिया जिलाधिकारी इनायत खान ने कहा कि विशेषज्ञों की एक टीम उस जगह का दौरा कर रही है जहां पुल बनाया गया है। जो पुल को बनाने की व्यवहारिकता की जांच करेगी। जांच के बाद टीम विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। यदि इस मामले में दोषी पाए गये तो अधिकारियों और इंजीनियरों पर कार्रवाई की जाएगी।
वही ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपए की लागत से बने इस पुल की कोई जरुरत नहीं थी। पुल का निर्माण नदी पर होना चाहिए था लेकिन उसकी जगह खेत के बीचो-बीच पुल बना दिया गया, जो शोभा की वस्तु बनकर रह गई है।
मामला रानीगंज विधानसभा अंतर्गत परमानंदपुर सर्द संख्या 6 का है, जहां ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा पुल का निर्माण खेत में करवा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 6 महीने पहले पुल का निर्माण करवाया गया था, जो निजी जमीन पर बनवाया गया है। जिस जगह पर पुल बना है वहां नदी है ही नहीं बल्कि नदी उससे काफी दूर है।
ग्रामीणों ने कहा कि कुछ बिचौलियों की मिलीभगत से उक्त स्थान पर पुल बना दिया गया और उसे सड़क से भी नहीं जोड़ा गया है और न ही अप्रोच का निर्माण करवाया गया है। जिससे पुल किसी काम का नहीं है। एक ग्रामीण ने कहा कि पुल जहां बना है उसके बाद ग्रामीणों की लगभग 500 एकड़ जमीन है। अगर सही ढंग से पुल का निर्माण होता तो ग्रामीण खेतों तक आसानी से पहुंच सकते थे।