बिहार के नए गवर्नर सैयद अता हसनैन पटना पहुंचे, इस दिन लेंगे शपथ बिहार के नए गवर्नर सैयद अता हसनैन पटना पहुंचे, इस दिन लेंगे शपथ बिहार से झारखंड भेजी जा रही 1400 किलो नकली पनीर और 90 किलो घी जब्त, यहां खपाने की थी तैयारी ‘बाबू.. शाम होने के बाद मंदिर के पीछे आ जाना’, नाबालिग गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था लड़का, गांव के लोगों ने जबरन करा दी शादी पटना NEET छात्रा मौत मामला: हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को नहीं मिली राहत, कोर्ट के बाहर बेहोश हुई मृतका की मां पटना NEET छात्रा मौत मामला: हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को नहीं मिली राहत, कोर्ट के बाहर बेहोश हुई मृतका की मां BEO साहब तो बड़े चालबाज निकले! फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा युवक से ठग लिए 8 लाख रुपए, अब सच आया सामने तो... Bihar Road Project: सूबे के इस फोरलेन सड़क निर्माण के लिए मिला NOC...910 दिनों में 82 KM सड़क बनेगी शादी का भोज खाने से एक साथ 150 से ज्यादा लोग बीमार, मची अफरा-तफरी RRB NTPC Admit Card 2026 जारी: 16 मार्च से शुरू होगी परीक्षा, ऐसे डाउनलोड करें प्रवेश पत्र
12-Aug-2024 04:43 PM
By MANOJ KUMAR
MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर कोल्हुआ निवासी दिल मोहम्मद के पुत्र मो. समीर सड़क दुर्घटना में 18 अप्रैल को घायल हो गया था। जिसे ग्रीन डायमंड इमरजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां के डॉक्टरों ने उसके पैर का ऑपरेशन कर स्टील रॉड लगाया लेकिन उसके हालत में सुधार होने के बजाय और बिगड़ गया।
आनन-फानन में परिजनों ने उसे बेहतर ईलाज के लिए ब्रह्मपुरा स्थित डॉ. शशि आर्थो एंड ट्रॉमा हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहाँ के डॉक्टरों ने इलाज करने के बदले पैर को ही काट कर हटा दिया। जिसके बाद शिकायतकर्ता दिल मोहम्मद ने अपने अधिवक्ता एस.के.झा के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम के समक्ष 2 जुलाई को मुकदमा दायर किया।
मुकदमे की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष पियूष कमल दीक्षित और सदस्य सुनील कुमार तिवारी ने की। सुनवाई के दौरान आयोग ने ग्रीन डायमंड इमरजेंसी हॉस्पिटल और डॉ. शशि ऑर्थो एंड ट्रामा हॉस्पिटल को नोटिस भेजा है, जिसमें दोनों अस्पताल के प्रबंध निदेशक को 9 अक्टूबर को आयोग के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।
पूरे मामले के संबंध में मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एस.के.झा ने बताया कि यह पूरा मामला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत सेवा में कमी की कोटि का मामला है। चूँकि परिवादी के पुत्र का दाहिना पैर ही काट कर हटा दिया गया है, यह चिकित्सकीय लापरवाही को दर्शाता है। परिवादी ने 45 लाख 30 हजार रूपये के हर्जाना का दावा किया है। दोनों अस्पताल के डायरेक्टर को 9 अक्टूबर को जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष उपस्थित होने को कहा गया है।
