BEO साहब तो बड़े चालबाज निकले! फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा युवक से ठग लिए 8 लाख रुपए, अब सच आया सामने तो...

बिहार के गोपालगंज जिले में शिक्षक नियुक्ति के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैकुंठपुर की प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आशा कुमारी और एक अन्य व्यक्ति ने मिलकर एक युवक से करीब आठ लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 12, 2026, 3:51:56 PM

BEO साहब तो बड़े चालबाज निकले! फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा युवक से ठग लिए 8 लाख रुपए, अब सच आया सामने तो...

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Bihar Teacher News: बिहार के गोपालगंज जिले में फर्जी नियुक्ति पत्र के जरिए ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैकुंठपुर की प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) आशा कुमारी और एक अन्य व्यक्ति ने मिलकर एक युवक को शिक्षक की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उससे करीब आठ लाख रुपये की ठगी कर ली। मामले में अदालत के आदेश पर बैकुंठपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।


जानकारी के अनुसार, सिवान जिले के जीबी नगर तरवारा थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी राहुल कुमार ने इस मामले को लेकर गोपालगंज के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में वाद दायर किया था। अदालत के आदेश के बाद वाद संख्या 158/2026 के तहत बैकुंठपुर थाना कांड संख्या 137/26 दर्ज किया गया है।


राहुल कुमार ने अपने आवेदन में बताया कि उसकी मुलाकात शाहबाज आलम नाम के एक व्यक्ति से हुई थी। शाहबाज आलम ने उसकी पहचान बैकुंठपुर की प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आशा कुमारी से कराई। दोनों ने मिलकर उसे भरोसा दिलाया कि अगर वह स्कूल निर्माण के लिए बिल्डिंग मटेरियल उपलब्ध कराएगा तो उसका भुगतान कर दिया जाएगा और साथ ही उसे शिक्षक की नौकरी भी दिला दी जाएगी।


पीड़ित के अनुसार, दोनों की बातों पर भरोसा करते हुए उसने अपनी जामों स्थित दुकान से करीब आठ लाख रुपये का निर्माण सामग्री सप्लाई कर दिया। कुछ समय बाद 28 अप्रैल 2018 को उसे महारानी हथियाही नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में योगदान करने के लिए नियुक्ति पत्र भी दे दिया गया। इसके साथ ही उसे शिक्षक आईडी और यू-डायस कोड भी दिया गया।


राहुल कुमार का कहना है कि नियुक्ति पत्र मिलने के बाद उसने स्कूल से जुड़े कामों में हिस्सा लिया। इतना ही नहीं, वह 27 से 31 जनवरी 2025 तक आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी शामिल हुआ और सक्षमता परीक्षा भी दी, जिसमें वह सफल भी रहा। इसके बावजूद उसे कभी वेतन नहीं मिला।


काफी समय तक वेतन नहीं मिलने पर जब उसने इस मामले की जांच कराई तो पता चला कि उसे दिया गया नियुक्ति पत्र ही फर्जी है। इसके बाद उसने जिला पदाधिकारी समेत शिक्षा विभाग के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।


आखिरकार थक-हारकर उसने अदालत का सहारा लिया। अदालत के आदेश के बाद बैकुंठपुर थाने में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आशा कुमारी और शाहबाज आलम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।


इस संबंध में बैकुंठपुर थाना प्रभारी सुभाष कुमार पासवान ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।