ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में LPG संकट का असर: स्कूल, हॉस्टल और आंगनबाड़ी में बंद पड़े गैस चूल्हे, लकड़ी पर बन रहा खाना Bihar Crime News: लूटकांड में शामिल चार अपराधी गिरफ्तार, बैंककर्मी को गोली मारने का आरोपी भी शामिल Bihar Crime News: लूटकांड में शामिल चार अपराधी गिरफ्तार, बैंककर्मी को गोली मारने का आरोपी भी शामिल ‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी सुनसान जगह पर महिला के साथ छेड़खानी, विरोध किया तो रॉड से पीटा, पति से भी की मारपीट RJD विधायक ने LPG गैस संकट को सरकार द्वारा प्रायोजित कृत्रिम समस्या बताया, कालाबाजारी बढ़ाने का भी लगाया आरोप बिहार के इस जिले में बनेगी फोरलेन सड़क, लोगों को जाम से मिलेगी राहत; परियोजना पर खर्च होंगे इतने करोड़

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: ब्रजेश ठाकुर की मां और पत्नी को बड़ी राहत, SC ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

15-Jul-2023 04:50 PM

By First Bihar

DELHI: मुजफ्फरपुर के चर्चित शेल्टर होम केस के दोषी ब्रजेश ठाकुर की मां और पत्नी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने शेल्टर होम मामले में मनी लॉन्ड्रिंग केस की प्रक्रिया पूरी होने तक ब्रजेश ठाकुर की मां और पत्नी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने दोनों की उम्र को ध्यान में रखते हुए राहत बढ़ाने का फैसला लिया है।


दरअसल, शेल्टर होम केस में ब्रजेश ठाकुर, उसकी मां और पत्नी समेत परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तरह केस दर्ज हुआ था। आरोप है कि इन्होंने बच्चों के कल्याण के लिए सरकार और अन्य माध्यम से मिले पैसों का व्यक्तिगत इस्तेमाल किया। पटना हाई कोर्ट से ब्रजेश ठाकुर की मां मनोरमा देवी और पत्नी कुमारी आशा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।


ब्रजेश ठाकुर की मां और पत्नी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी से राहत को बरकरार रखा। पीठ ने कहा कि मामले के सभी पहलूओं और दोनों याचिकाकर्ताओं की उम्र के साथ साथ महिला होने के कारण याचिकाकर्ताओं को गिरफ्तारी के खिलाफ अंतरिम संरक्षण दिया गया है।  सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को दी गई अंतरिम सुरक्षा प्रक्रिया पूरी होने तक बढ़ा दी गई है, बशर्ते कि याचिकाकर्ता आगे की प्रक्रिया में आवश्यकता पड़ने पर लगन से भाग लें।"