ब्रेकिंग न्यूज़

RailOne App : अब घर तक छोड़ेगी रेलवे! इस ऐप से टिकट के साथ बुक करें टैक्सी, रेलवे की नई सुविधा ने बदला सफर का तरीका Zomato से खाना मंगवाना हुआ महंगा, हर ऑर्डर पर अब देनी होगी इतनी प्लेटफॉर्म फीस, जानिए ईद पर घर पहुंचा दिल्ली दंगों का आरोपी शरजील इमाम, 6 साल बाद गांव लौटने पर भावुक हुआ परिवार ईद पर घर पहुंचा दिल्ली दंगों का आरोपी शरजील इमाम, 6 साल बाद गांव लौटने पर भावुक हुआ परिवार Income Tax Rules 2026 : 1 अप्रैल से बदल जाएंगे इनकम टैक्स के नियम! HRA, बच्चों के भत्ते और गिफ्ट पर बड़ा अपडेट, सैलरी वालों को जानना जरूरी बिहार में शराबबंदी का सच: जहरीली शराब पीने से युवक की हालत गंभीर, अब उठ रहा यह सवाल 'मॉडल' पर महाभारत ! भाजपा की भद्द पिटवाने के बाद बैकफुट पर प्रवक्ता, विवाद बढ़ने और JDU से करारा जवाब मिलने के बाद पोस्ट किया डिलीट... दिल्ली पुलिस की बिहार में छापेमारी, पीएम मोदी की AI से आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट करने वाले युवक को दबोचा दिल्ली पुलिस की बिहार में छापेमारी, पीएम मोदी की AI से आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट करने वाले युवक को दबोचा Bihar News : दो मासूमों से छिन गई मां! घर में घुसकर महिला की हत्या, जमीन विवाद बना मौत की वजह

Home / news / मुआवजे को लेकर बाढ़ पीड़ितों ने सीओ को बनाया बंधक, झाड़ू-चप्पल और लात...

मुआवजे को लेकर बाढ़ पीड़ितों ने सीओ को बनाया बंधक, झाड़ू-चप्पल और लात घूंसों से कर दी पिटाई

20-Sep-2023 09:08 PM

By RITESH HUNNY

SAHARSA: सहरसा के महिषी प्रखंड कार्यालय के सीओ को लोगों ने बंधक बना लिया। सीओ और उनके ड्राइवर की लात-घूंसो और झाड़ू-चप्पलों से पिटाई कर दी। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही और बाढ़ पीड़ित सीओ और उनके ड्राइवर को पिटते रहे। 


बताया जाता है कि महिषी प्रखंड के 11 पंचायतों के बाढ़ पीड़ित प्रखंड कार्यालय परिसर में मुआवजा को लेकर धरना दे रहे थे लेकिन सीओ साहब बाढ़ पीड़ितों से मिले बैगर ऑफिस से निकलने लगे। इस बात से गुस्साएं बाढ़ पीड़ितों ने पहले तो दौड़कर उनकी गाड़ी को रोका फिर सीओ और उनके ड्राईवर पर झाड़ू और चप्पलों से हमला कर दिया। इस दौरान दोनों की जमकर पिटाई की गई। 


इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही और बाढ़ पीड़ित सीओ और उनके ड्राइवर को पिटते रहे। मिली जानकारी के अनुसार सरकार से मुआवजे की आस में वे लोग धरना पर बैठे थे। उम्मीद थी कि सीओ साहब उनसे मुलाकात करेंगे। उनका दुख-दर्द सुनेंगे और मुआवजे का मरहम लगाएंगे। लेकिन सीओ साहब बैगर उनसे मिले बिना कोई बात कहे सुने अपने ऑफिस से निकल गए। फिर क्या था धरने पर बैठे ये बाढ़ पीड़ित उग्र हो गए। सीओ साहब की गाड़ी दौड़कर पकड़ लिया और उसके बाद झाड़ू और चप्पलों से ना सिर्फ जोरदार स्वागत किया बल्कि सीओ साहब को घंटों तक बंधक बनाए रखा और लात घूंसों की बरसात कर दी।