Traffic Management : पटना के इन रास्तों पर इस दिन नहीं चलेंगी गाड़ियां, बदली ट्रैफिक व्यवस्था; जानिए क्या है वजह Bihar Intermediate Exam 2026 : आज समाप्त होगी बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा 2026, इस दिन तक रिजल्ट आने की उम्मीद Bihar weather : बिहार में फरवरी में ही गर्मी का असर: मौसम विभाग ने बताया तापमान बढ़ने का कारण शराब और अवैध हथियार के खिलाफ सहरसा पुलिस की कार्रवाई, घर की घेराबंदी कर अपराधी को दबोचा, हथियार-कारतूस भी बरामद मोतिहारी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 महिलाएं और 2 दलाल गिरफ्तार पटना के मरीन ड्राइव पर नहीं लगेंगी दुकानें, अब यहां बनेगा नया वेंडिंग जोन भोजपुर में अनियंत्रित ऑटो के पलटने से युवक की मौत, महिला समेत कई लोग घायल बिहार का ऑफिसर राज: चार्टर प्लेन में सपरिवार सैर कर रहे हैं IAS अधिकारी, विधानसभा में उठा मामला लेकिन सरकार ने साध ली चुप्पी दरभंगा में पत्नी की अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने वाला पति गिरफ्तार, सालभर से फरार था आरोपी, मुंबई में बना रखा था ठिकाना राष्ट्रीय स्कॉलरशिप प्रवेश परीक्षा 2026: एस.के. मंडल ग्रुप की मेधावी छात्रों के लिए बड़ी पहल
16-Jan-2023 08:23 PM
PATNA: क्या बिहार सरकार के कामकाज में राजद के मंत्रियों का कोई रोल नहीं है. क्या राजद कोटे के मंत्रियों का अपने विभाग में भी कोई अधिकार नहीं है. मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों से यही संकेत मिल रहा है. नीतीश कुमार ने आज बिहार में धान खरीद को लेकर बैठक बुलायी. बैठक में कृषि औऱ सहकारिता विभाग के सचिव तो मौजूद थे लेकिन मंत्रियों को नहीं बुलाया गया. नीतीश ने सीधे सचिव को अपना आदेश सुनाया।
बता दें कि बिहार में धान खरीद का मामला सीधे तौर पर दो विभागों से जुड़ा होता है. कृषि विभाग औऱ सहकारिता विभाग. धान की उपज का हिसाब किताब कृषि विभाग के जिम्मे होता है. वहीं, खरीदने की जिम्मेवारी पैक्सों की होती है जो सहकारिता विभाग के अधीन आता है. बिहार के कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत और सहकारिता मंत्री सुरेंद्र प्रसाद यादव हैं. दोनों राजद कोटे से मंत्री है।
नीतीश कुमार ने सोमवार की शाम धान खरीद पर बैठक बुलायी, जिसमें कृषि औऱ सहकारिता विभाग के सचिव मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग की सचिव वंदना प्रेयसी से अब तक हुई धान खरीद की जानकारी ली. सचिव वंदना प्रेयसी को ही सीएम ने ये दिशा निर्देश दिया कि आगे धान खरीद के लिए क्या करना है।
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के सचिव एन. सरवन कुमार को किसानों के लिए सरकारी योजनाओं को सही से अमल में लाने का निर्देश दिया. उन्हें मुख्यमंत्री से ये टास्क मिला कि किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए अभियान चलायें. किसानों को ये बतायें कि जो अपने खेत में पराली जलायेंगे सरकार उनसे धान नहीं खरीदेगी।
तेजस्वी को भी निमंत्रण नहीं
धान खरीद पर सीएम की बैठक की खास बात ये भी रही कि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को भी इसमें बुलाया गया. वैसे भी जेडीयू-राजद की सरकार आने के बाद सीएम की समीक्षा बैठक में राजद कोटे के मंत्रियों को नहीं बुलाने की परंपरा शुरू हुई है. बिहार में जब तक जेडीयू-बीजेपी की सरकार थी तब तक मुख्यमंत्री की हर समीक्षा बैठक में संबंधित विभाग के मंत्री मौजूद रहते थे।
अगर वह विभाग बीजेपी कोटे के मंत्री के अधीन आता था तो उसमें डिप्टी सीएम को बुलाया जाता रहा है. लेकिन राजद के साथ जेडीयू की सरकार बनने के बाद नयी परंपरा की शुरूआत हुई है, जिसमें विभागों की समीक्षा बैठक में राजद के मंत्रियों के साथ साथ डिप्टी सीएम को भी नहीं बुलाया जा रहा है।



