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08-Oct-2020 10:39 AM
BHOJPUR : भोजपुर के पीरो में नामांकन के तुरंत बाद चुनाव आयोग के ऑफिस से महागठबंधन के उम्मीदवार मनोज मंजिल को गिरफ्तार कर लिया गया. आपको बता दें कि मनोज मंजिल इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और सीपीआई-एमएल ने उन्हें अगिआंव सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया हैं.
गिरफ्तार मनोज मंजिल के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट निर्गत था, इसी आधार पर कार्रवाई की गई है. पिछली बार भी 2015 के विधानसभा चुनाव में ठीक इसी तरह उन्हें गिरफ्तार किया गया था. पिछली बार भी तरारी थाना के कपुरडिहरा गांव निवासी मनोज मंजिल अगिआंव सीट से ही चुनावी मैदान थे. बिहार के चुनावी समर में मनोज मंज़िल एक ऐसे अनूठे नेता हैं, जो 5 साल जनता के बीच रहते हैं लेकिन चुनाव के वक्त उन्हें जेल भेज दिया जाता है. बाकी ज्यादातर नेता 5 साल नहीं, केवल चुनाव में ही जनता को नजर आते हैं.
जनांदोलनों के 30, FIR और मुकदमों का मेडल सीने पे लगाए मुस्कराते हुए मनोज जेल भेजे गए और इधर जनता ने ये एलान भी कर दिया कि सरकार मनोज को जेल भेजे तो भेजे- हम तो मनोज को विधानसभा में भेज के ही रहेंगे. पुलिस सूत्रों के अनुसार पवना थाना से जुड़े हत्या के एक कांड में मनोज मंजिल के खिलाफ कुर्की वारंट निर्गत हुआ था. वारंट तामिला के लिए तरारी थाना को भेजा गया था, जिसमें माले प्रत्याशी को गिरफ्तार किया गया है. गौरतलब है कि 2015 के विधानसभा चुनाव में भी नामांकन के दौरान पुलिस ने सीपीआई-एमएल उम्मीदवार मंजिल को गिरफ्तार किया था. उस समय भी मनोज मंजिल पुलिस की गिरफ्त से फरार थे.