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महागठबंधन में घमासान के बाद तेजस्वी की बौखलाहट? कुछ होने वाला नहीं है, केतना भी एड़ी अलगा कर भाषण दे, JDU नेताओं पर निशाना

15-Jan-2023 08:25 PM

PATNA: बिहार की सता में वापसी के बाद हमेशा शांत दिखने वाले तेजस्वी यादव के चेहरे पर आज बौखलाहट दिखी. मंत्री चंद्रशेखर के बयान पर जेडीयू औऱ राजद में घमासान का असर साफ दिखा. मीडिया से बात करने के दौरान बेचैन दिख रहे तेजस्वी यादव ने कहा- जो लोग बयान दे रहे हैं उन सब लोगों को पहचान रहे हैं. कुछ होने वाला नहीं है, केतना भी लोग एड़ी अलगा कर भाषण दे, बयान दे. तेजस्वी यादव जेडीयू के उन नेताओं पर बोल रहे थे तो मंत्री चंद्रशेखर के मामले में राजद पर निशाना साध रहे हैं. तेजस्वी ने कहा- ये लोग कुछ भी कर ले महागठबंधन टूटने का सवाल ही पैदा नहीं होता।


तेजस्वी की बेचैनी

दरअसल तेजस्वी यादव से आज पत्रकारों ने मंत्री चंद्रशेखर को लेकर राजद-जेडीयू में छिड़े घमासान पर सवाल पूछा. जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने राजद-भाजपा के बीच सांठगांठ होने का आऱोप लगाया है. जवाब में तीखे तेवर में तेजस्वी यादव बोले-अरे भाई, शीर्ष नेता कौन है. लालू जी हैं, नीतीश जी हैं. उन्होंने महागठबंधन बनाया, लोग किसके साथ हैं. बयानवीरों के साथ हैं क्या लोग. बयानवीरों के साथ कोई नहीं है, नेता के साथ हैं लोग. एक बात समझ जाइये कौन क्या कह रहा है इसमें क्या है, मुद्दे की बात करिये न. मुद्दा क्या होना चाहिये. ये कोई मुद्दा है।


औऱ इससे कितना भी लोगों को थोड़ी बहुत मानसिक संतुष्टि मिल गयी होगी कि भाई चलो बहुत बढिया लाइन पकडाया है. यही मौका है तो सब लोगों को पहचाना जा रहा है. हम जानते हैं कुछ होने वाला नहीं है. केतना भी लोग एड़ी अलगा करके भाषण दें, बयान दें. आप लोग सब जान रहे हैं कि क्या होगा।


पत्रकारों ने बीच में सवाल पूछना चाहा. लेकिन तेजस्वी नहीं रूके-बात सुनो, अभी मुद्दा चला जायेगा हिन्दू-मुसलमान पर. कुछ दिन बाद पता चलेगा कि ईडी जो है फिर से आ गयी कि तेजस्वी के पास बडा संपत्ति है. फिर से जांच होगी. फिर केस होगा. फिर मुकदमा होगा. अरे इ सब हम जानते हैं. काहे ला आप लोग चिंता करते हैं. हम लोगों का काम है जिस कमिटमेंट के साथ सरकार में आय़े हैं, दस लाख लोगों को रोजगार दिलाने का वह दिलायेंगे।


तेजस्वी ने कहा कि महागठबंधन की सरकार नौकरी और जातिगत जनगणना के मुद्दे पर काम कर रही है. फिर से लोग साजिश रच रहे हैं. साजिश रचने के लिए ये लोग क्या क्या करेंगे औऱ कौन कौन लोग इसमें शामिल हैं ये हम औऱ मुख्यमंत्री जी अच्छे से जानते हैं. आप देखियेगा कि महागठबंधन के दो शीर्ष नेता हैं लालू जी औऱ नीतीश जी. बीजेपी को 2024 का डर है. बिहार की जनता लालू जी औऱ नीतीश जी के साथ हैं।


जो लोग बयान देकर चर्चित हो रहे हैं उनके साथ जनता नहीं है. जनता तो सिर्फ लालू-नीतीश जी के साथ है. मुझे लालू जी ने सिखाया है कि विवेक औऱ धैर्य भी मजबूती है. ताकत है. हमलोग धैर्य रखने औऱ विवेक से काम करने वाले लोग हैं. इनकी साजिशों का हम सब लोगों को पता है कि भाजपा क्या करेगी. जातिगत जनगणना के बाद बीजेपी माइंडसेट वाली मीडिया एक एजेंडा पकडी हुई है. हम मानते हैं कि ठीक है।


देश का सबसे पवित्र किताब संविधान है. देश संविधान से चलता है औऱ इस संविधान में सबको आजादी है कि वह अपनी बात रख सके. संविधान ये भी बताता है कि सभी धर्म का मान सम्मान किया जाना चाहिये. हम लोग सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. हम लोग मुद्दे की बात करते हैं. लेकिन चर्चा मंहगाई और बेरोजगारी पर नहीं हो रही है. बिहार में फिर हिन्दू-मुस्लिम एजेंडा चल पडा है, भाजपा ने ये एजेंडा तय किया है. उसी पर चर्चा की जा रही है. ये लोग कुछ भी कर ले महागठबंधन टूटने का सवाल ही पैदा नहीं होता. तरह-तरह की बातें चलायी जा रही है मार्केट में. हम लोग जान रहे हैं कि इसके पीछे कौन है।


क्यों बौखलाहट में हैं तेजस्वी

बता दें कि बिहार में सत्ता में वापसी के बाद पिछले पांच महीने से तेजस्वी यादव हमेशा शांत दिखे हैं. लेकिन आज उनकी बेचैनी झलक रही थी. राजद के अंदरखाने में चर्चा ये है कि इस दफे नीतीश-लालू में सत्ता शेयरिंग के फार्मूले के साथ गठबंधन हुआ है. लेकिन अचानक से राजद-जेडीयू में जिस तरीके से जंग छिड़ी है, उससे तेजस्वी बेचैन हुए हैं. जेडीयू नेता इस दफे खुलकर राजद पर हमला कर रहे हैं. जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने तो राजद पर भाजपा से सांठगांठ करने का सीधा आरोप लगा दिया है. जेडीयू के दूसरे नेता भी राजद के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं. इससे राजद को अपना भविष्य बिगडने की चिंता सता रही है. तभी तेजस्वी की बौखलाहट झलकी।