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21-Nov-2022 09:45 PM
PATNA: जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने सोमवार को एक बार फिर पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने के मुद्दा उठाया। पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में जीत दर्ज करने पर जेडीयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित स्वागत समारोह के दौरान ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने पीएम मोदी से हाथ जोड़ कर पीयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग की थी लेकिन प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री के आग्रह पर विचार नहीं किया। ललन सिंह के इस बयान पर बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने जेडीयू से पूछा है कि जब नीतीश और लालू केंद्र की सरकार में ताकतवर मंत्री थे, उस वक्त पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा क्यों नहीं दिलवाया था।
सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश और लालू जब ताकतवर केंद्रीय मंत्री हुआ करते थे, तब ये दोनों पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा क्यों नहीं दिला पाए। लालू तो यूपीए की सरकार में इतने पावरफुल थे कि आधी रात को कैबिनेट बैठाकर 2005 में बिहार को राष्ट्रपति शासन के हवाले कर दिया था। जिन लोगों ने वर्षों सत्ता में रहने के बावजूद पटना विश्वविद्यालय के लिए कुछ नहीं किया, वे आज उसको लेकर घड़ियाली आसू बहा रहे हैं। सुशील मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए बिहार सरकार से भूमि मांगी थी लेकिन सात साल बीत जाने के बावजूद नीतीश कुमार भूमि उपलब्ध नहीं करा सके।
सुशील मोदी ने कहा है कि पीयू छात्र संघ चुनाव में जीत पर जेडीयू को ज्यादा इतराने की जरुरत नहीं है। छात्र संघ चुनाव में किस तरह से सत्ता की हनक दिखाई गई और करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए गए, यह किसी से छिपा नहीं है। छात्र जेडीयू की सफलता नीतीश कुमार की जीत नहीं है। सुशील मोदी ने कहा कि महागठबंधन को ज्यादा खुश होने के बजाए इसकी चिंता करनी चाहिए कि आइसा,माले के समर्थन के बावजूद छात्र राजद एक भी पद पर क्यों नहीं जीत पाया।