‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी सुनसान जगह पर महिला के साथ छेड़खानी, विरोध किया तो रॉड से पीटा, पति से भी की मारपीट RJD विधायक ने LPG गैस संकट को सरकार द्वारा प्रायोजित कृत्रिम समस्या बताया, कालाबाजारी बढ़ाने का भी लगाया आरोप बिहार के इस जिले में बनेगी फोरलेन सड़क, लोगों को जाम से मिलेगी राहत; परियोजना पर खर्च होंगे इतने करोड़ बिहार के इस जिले में बनेगी फोरलेन सड़क, लोगों को जाम से मिलेगी राहत; परियोजना पर खर्च होंगे इतने करोड़ बिहार में साइकिल दुकान से भारी मात्रा में LPG सिलेंडर बरामद, कालाबाजारी के आरोप में एक गिरफ्तार बिहार में साइकिल दुकान से भारी मात्रा में LPG सिलेंडर बरामद, कालाबाजारी के आरोप में एक गिरफ्तार
26-Dec-2020 05:52 PM
DESK : नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन लगातार आगे बढ़ा है और अब भारतीय जनता पार्टी के एक और सहयोगी ने उससे किसान आंदोलन के मुद्दे पर अपना दामन छुड़ा लिया है.
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने नए कृषि कानूनों के विरोध में एनडीए से समर्थन वापस लेने की घोषणा कर दी है. बेनीवाल नागौर से लोकसभा के सांसद हैं और उन्होंने एनडीए को अपना समर्थन दिया था. लगभग 2 हफ्ते पहले बेनीवाल ने कहा था कि बीजेपी अगर किसान आंदोलन को लेकर कोई रास्ता नहीं निकालती है तो ऐसे में वह एनडीए से अलग होने का फैसला ले सकते हैं.
इतना ही नहीं हनुमान बेनीवाल ने ऐलान कर दिया है कि वह अपने साथ 2 लाख से अधिक किसानों को लेकर अब दिल्ली कूच करेंगे. जयपुर में किसानों की एक जनसभा को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के मन में मौजूद आशंकाओं को खत्म करने में असफल साबित हुई है.
आरएलपी संयोजक हनुमान बेनीवाल ने कहा कि देश का अन्नदाता कड़ाके की ठंड में सड़कों पर बैठा है. ऐसे में केंद्र सरकार को किसानों का मन रखते हुए तीनों कृषि बिलों को वापस लेने की जरूरत है. दिल्ली कूच से पहले बेनीवाल गुरुवार को जयपुर के दौरे पर रहे, जहां उन्होंने दर्जनों कस्बों में जन सम्पर्क करके 26 दिसम्बर को किसान आंदोलन के समर्थन में दिल्ली चलने का आह्वान किया. वहीं शुक्रवार को अलवर के किसानों से दिल्ली चलने का आह्वान किया.