Bihar Assembly : BJP विधायक को जवाब देने में मंत्री के छूटे पसीने, बिहार विधानसभा में पैक्स अध्यक्षों के मुद्दे पर सरकार घिरी Bihar Budget Session: बिहार विधानसभा के बाहर विपक्ष का हंगामा, सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी Bihar Budget Session: बिहार विधानसभा के बाहर विपक्ष का हंगामा, सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी Bihar Bhumi: लाखों एकड़ असर्वेक्षित भूमि को लेकर सरकार का बड़ा फैसला..विधानसभा में राजस्व मंत्री ने दिया यह जवाब.. REVENUE DEPARTMENT UPDATE: बिहार में जमीन मालिकों के लिए बड़ी राहत! अब इस डेट तक मिलेगा ऑफलाइन दखल-कब्जा प्रमाण पत्र, जानिए क्या है नया अपडेट Bihar Budget Session : 'अधिकारियों के बल पर चल रही सरकार…', विधानसभा में बोले राजद MLA – हर दिन विधायकों को किया जा रहा गुमराह Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू, पहले सत्र में महिला सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर हंगामे के आसार Vaibhav Suryavanshi : अंडर-19 वर्ल्ड कप स्टार वैभव सूर्यवंशी अब 10वीं बोर्ड परीक्षा की चुनौती के लिए तैयार; जारी हुआ एडमिट कार्ड; जानिए किस सेंटर पर देंगे एग्जाम Civil Court Bomb Threat : सिविल कोर्ट को उड़ाने की फिर मिली धमकी, 24 घंटे के भीतर दूसरी बार कॉल से मचा हड़कंप Patna Traffic Update : पटना का इनकम टैक्स गोलंबर बदलेगा, ट्रैफिक व्यवस्था में होने जा रहा बड़ा परिवर्तन; जानिए नीतीश सरकार का नया प्रोजेक्ट
03-Sep-2020 02:06 PM
PATNA: कल बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने एनडीए में जाने का एलान कर दिया। मांझी के इस फैसले पर उनकी पार्टी के कई नेताओं ने असहमति जतायी। मांझी की पार्टी से नालंदा से लोकसभा का चुनाव लड़े अशोक आजाद और औरंगाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले जेडीयू के पूर्व एमएलसी और हम के कार्यकारी अध्यक्ष उपेन्द्र प्रसाद ने बगावत कर दी और कहा कि हम एनडीए के साथ नहीं जाएंगे। इसके बाद ‘हम’ ने इन दोनों बागी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई, उन्हें यह कहते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया कि ये लोग लालू के एजेंट की भूमिका में थे और लालू के कहने पर हीं ‘हम’ ने उन्हें टिकट दिया था।
इस बयान पर आरजेडी ने पलटवार किया है और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी को कठपुतली बता दिया है। आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जब वे एनडीए में थे तो उनका टिकट पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार बांट रहे थे। महागठबंधन में आए तो कहा कि लालू के कहने पर टिकट बांटा अब जब फिर नीतीश कुमार के साथ गये हैं तो उन्हीं के इशारे पर टिकट बांटेंगे। लोकतंत्र में नेताओें की असली पतवार जनता होती है मांझी की पतवार जनता ने पकड़ने से इनकार कर दिया।
महागठबंधन ने लोकसभा चुनाव में मांझी के हाथों में पतवार थमायी लेकिन उन्होंने नाव डूबा दिया। अब एनडीए में गये हैं तो एनडीए की नाव डुबाएंगे। मांझी का अपना कोई वजूद नहीं है। 2015 में एनडीए के सवार पर रहते हुए चुनाव हार गये। एक बार फिर वे डूबने वाले नाव पर सवार हैं। हमने उनको खूब सम्मान दिया। उनके बेटे के विधानपार्षद बनाया। न वे नीतीश के हुए न हीं आरजेडी के हुए। राजनीति में धैर्य होना जरूरी है।