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काबुल से बिहार लौटा सद्दाम: रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी सुनायी, कहा- हर सेकेंड मौत नजर आती थी

07-Sep-2021 07:24 PM

MUZAFFARPUR : पिछले दो सालों से अफगानिस्तान में काम रहा सद्दाम मौत के साये से निकल कर अपने घर पहुंच गया है. मुजफ्फरपुर के औराई का रहने वाले सद्दाम ने कहा कि अपने घर पहुंचने के बाद ऐसा लग रहा है मानो दूसरी जिंदगी मिल गयी है. सद्दाम ने अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद वहां की कहानी सुनायी जो रौंगटे खडे कर देन वाली है.


किसी तरह बची जान
मुजफ्फरपुर का सद्दाम पिछले दो सालों से अफगानिस्तान के एक स्टील प्लांट में काम कर रहा था. जब तक तालिबान का शासन नहीं था तब तक उसकी जिंदगी कायदे से चल रही थी. समय पर अच्छा वेतन मिल जा रहा था और दूसरी कोई परेशानी नहीं थी. लेकिन 15 अगस्त को जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया तो फिर सद्दाम और उसके साथियों की जान आफत में पड़ गयी. उसने वहां से लौटने की पूरी कहानी बतायी.


सद्दाम ने बताया कि काबुल में काम कर रहे उसे औऱ उसके साथियों को तालिबान के अगस्त के पहले सप्ताह से ही तालिबान के बढते प्रभाव की खबर मिल रही थी. उनलोगों को लगने लगा था कि जल्द ही तालिबान काबुल पर भी कब्जा कर लेगा. लिहाजा सद्दाम और उसके साथियों ने भारत वापसी का फ्लाइट टिकट कटाया. लेकिन 19 अगस्त से पहले की कोई फ्लाइट खाली नहीं थी. लिहाजा उन सबों ने 19 अगस्त को काबुल से दिल्ली का टिकट कटाया. 


लेकिन वह गंभीर खतरे में तब फंस गया जब 19 अगस्त की फ्लाइट ही कैंसिल कर दी गयी. इस बीच हर रोज काबुल के हालात बदतर होते जा रहे थे. जगह-जगह गोलियों की तड़तड़ाहट औऱ बम के धमाके सुनायी देते थे. बाजार सुनसान हो गया है और घर से बाहर निकलने का साहस इक्का-दुक्का लोग ही उठा पाते हैं. दूसरे देशों के लोगों को तो औऱ खौफ के साये में जीना पड़ रहा था. काबुल में तालिबानी लड़ाके हथियार लेकर गाड़ियों से घूमते रहते हैं और फायरिंग भी करते रहते हैं.


भारत सरकार की पहल से बची जान
सद्दाम और उसके परिजन भारत सरकार का धन्यवाद देते नही थक रहे हैं. सद्दाम के मुताबिक तालिबानी लडाकों ने उसके साथ साथ कई औऱ भारतीय लोगों को तालिबानी लड़ाकों ने एक दिन अपने कब्जे में ले लिया. सबों को एक कमरे में बिठाया गया औऱ तालिबानियों ने कहा कि अब यहां हमारा शासन हो गया है. हथियारबंद तालिबानियों ने पूछा कि क्या वे सब घर वापस लौटना चाहते हैं. सारे भारतीय लोगों ने कहा कि वे अपने घर जाना चाहते हैं. 


सद्दाम ने बताया कि संभवतः तालिबानियों के पास भारत सरकार का मैसेज पहुंचा हुआ था. तभी उन्होंने भारतीय दूतावास के अधिकारियों से बात की. भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने तालिबान के कब्जे में आये भारत के लोगों के कागजात मंगवाये. तालिबान ने उनके पास कागजात भेज दिये. इसके बाद उन्हें एय़रपोर्ट भेजने को कहा गया. सद्दाम ने बताया कि भारत सरकार की ओर से भेजे गये विमान में उसे 22 अगस्त को बिठाया गया. वहां से दिल्ली लाया गया औऱ फिर कोविड प्रोटोकॉल के कारण क्वारंटाइन कर दिया गया. क्वारंटाइन की अवधि पूरी होन के बाद वह घर पहुंचा. हालांकि औराई पहुंचने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उसके घर पहुंच कर उसकी जांच पड़ताल की.