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07-Jan-2023 05:27 PM
PATNA: बिहार में शनिवार से जातिगत जनगणना का काम शुरू हो गया। बिहार सरकार इसपर पांच सौ करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। सीएम नीतीश कुमार के यह कहने पर कि जातिगत जनगणना में उपजातियों की गिनती नहीं होगी, इसपर मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने विरोध जताया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा है कि बिहार में जातिगत जनगणना शुरू हो गई लेकिन सरकार ने किसी भी दल को यह नहीं बताया है कि उसका स्वरूप क्या होगा। उन्होंने सीएम नीतीश कुमार से अपील की है कि पहले वे झूठ बोलना बंद करें और लोगों को ये बताएं कि उपजाति का अर्थ क्या है।
नीतीश कुमार की यादास्त जरुरत से ज्यादा कमजोर हो गई है। नीतीश कुमार इस बात को भूल चुके हैं कि जब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए गए थे तो बीजेपी का समर्थन उन्हें प्राप्त था। नीतीश कुमार यह भी भूल गए हैं कि जब उन्होंने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी तो बीजेपी ही ऐसी पार्टी थी जिसके दो प्रतिनिधि वहां पर मौजूद थे। जिस तरह से सभी दलों ने तय किया था कि जातिगत जनगणना होगी तो उसी तरह से सभी दलों को बताना चाहिए कि ये हो क्या रहा है।
नीतीश कुमार का आज अचानक बयान आता है कि उपजाति की गणना नहीं होगी। हर जाति में कई उपजातियां होती हैं, क्या उनकी गिनती नहीं होगी। नीतीश कुमार को सामने से आकर बताना चाहिए कि वे उपजातियों की गिनती क्यों नहीं करा रहे हैं। नालंदा मे नीतीश कुमार की उपजाति की संख्या पांच फीसदी भी कुर्मी समाज में नहीं है। इस बात को नीतीश कुमार अच्छी तरह से जानते हैं इसलिए पूरे बिहार मे उपजाति की गणना नहीं कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जब सरकार इतना पैसा खर्च कर रही है तो इसका लाभ भी बिहार की जनता को मिलना चाहिए।
संजय जायसवाल ने नीतीश कुमार से अपील की है कि पहले तो वे झूठ बोलना बंद करें और लोगों को ये बताएं कि उपजाति का अर्थ क्या है। एक मुख्यमंत्री को कभी भी यह शोभा नहीं देते है कि वह सार्वजनिक जगह पर जाकर झूठ बोले। जातिगत जनगणना में आज तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि रोहंगिया मुसलमानों को वे कैसे सदस्यता से रोकेंगे। जो बांग्लादेशी लोग बिहार में घुसपैठ कर चुके हैं क्या नीतीश कुमार उन लोगों को क्या सरकार देश का नागरिक बनाने जा रही है, यह सब चीजें नीतीश कुमार को बताना चाहिए। सरकार ने जातिगत जनगणना को लेकर कभी किसी भी दल को इसके लिए ब्रिफ नहीं किया गया और सरकार चोरी छिपे यह जनगणना करा रही है।
इस दौरान संजय जायसवाल ने हरियाणा मॉडल की चर्चा करते हुए कहा कि हरियाणा की सरकार ने भी गणना कराई थी, जिसमें सभी चीजों को स्पष्ट रूप से बताया गया है। हरियाणा में अंत्योदय सरल योजना को 2014 में एक्ट बनाकर लागू किया गया था जबकि परिवार पहचान पत्र 2021 में हरियाणा राज्य के एक्ट से बना है। सरकार को एक कानून बनाकर जातिगत जनगणना को अमलीजामा पहनाना चाहिए था। विधानसभा सत्र के दौरान भी सरकार ने इसको लेकर चर्चा नहीं कराई। बीजेपी को शक है कि नीतीश कुमार बिहार के लोगों को फायदा पहुंचाना चाह रहे हैं या महज केवल नाटक कर रहे हैं।