बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू हो मंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लास मुंगेर के स्कूल में बड़ी चोरी: ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, निर्माण सामग्री भी किया गायब मुजफ्फरपुर में रामनवमी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी पटना लूट कांड का खुलासा: 20 लाख लूट मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तार पटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध BIHAR: गांव के दबंगों ने दलित युवक को बेरहमी से पीटा, पुलिस से लगाई न्याय की गुहार Bihar News: गंगा में नहाने गए चार दोस्त… अचानक गहराई में समाए, दो की दर्दनाक मौत से गांव में मचा कोहराम
12-Nov-2019 01:57 PM
PATNA: महाराष्ट्र में शिवसेना के पलटने से परेशान भाजपा पर नीतीश कुमार ने दबाव बढ़ा दिया है. नीतीश की पार्टी जदयू ने शिवसेना के NDA से अलग होने को अफसोसजनक करार देते हुए NDA में को-ऑर्डिनेश कमिटी बनाने की मांग कर दी है.
दिल्ली में बोले के सी त्यागी
दिल्ली में आज जदयू के प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने कहा कि शिवसेना एनडीए के सबसे पुराने घटक दलों में से एक रही है. उसका एनडीए छोड़ कर जाना बेहद अफसोसजनक है. जदयू नेता ने कहा कि एनडीए में संवादहीनता की स्थिति हो गया है. गठबंधन के सभी घटक दलों को अपनी बात कहने के लिए कोई फोरम नहीं है. ऐसे में तत्काल को-ऑर्डिनेशन कमिटी बनायी जानी चाहिये, जहां एनडीए की सभी पार्टियां अपनी बात रख सके. त्यागी ने कहा कि पहले भी एनडीए की कमिटी रही है. वाजपेयी जी के दौर में जार्ज फर्नांडिस एनडीए के संयोजक हुआ करते थे. लेकिन इन दिनों ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है.
भाजपा पर दबाव बनाना चाहते हैं नीतीश
त्यागी का ये बयान भाजपा पर दबाव बनाने की नीतीश कुमार की रणनीति नजर आ रही है. दरअसल अगले साल बिहार में चुनाव होने वाले हैं. हालांकि बीजेपी ने कह दिया है कि नीतीश ही मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर पेंच फंस सकता है. भाजपा का इरादा ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने का है. लिहाजा नीतीश मुश्किल में पड़ सकते हैं. अपना भविष्य सुरक्षित करने में लगे नीतीश को ये सही मौका लग रहा है. लिहाजा भाजपा पर प्रेशऱ बनाने की रणनीति पर काम शुरू हो गया है.