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09-Aug-2021 01:57 PM
PATNA : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज फिर 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में आम लोगों की शिकायत सुनी. सीएम तब चौंक गए जब उनके सामने एक फैर्यादी शिक्षक पहुंचे. शिक्षक ने बताया कि उन्हें फर्जी लेटर बनाकर शिक्षा पदाधिकारी ने सेवा से हटा दिया गया है. इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी उनसे योगदान नहीं लिया गया.
दरअसल, एक शिक्षक अपनी फरियाद लेकर 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि सहायक शिक्षक प्राथमिक शिक्षक 34,540 पदों की वैकेंसी के अंतर्गत उनकी बहाली हुई थी. यह नियुक्ति 2012 में ही हुई थी. इसके तीन महीने के बाद ही शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा फर्जी लेटर बनाकर उन्हें सेवा से हटा दिया गया. फिर वे इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए, जहां सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि किसी भी परिस्थिति में सेवा से नहीं हटाया जाना है. इसके बाद भी योगदान नहीं करवाया गया. फिर स्थायी लोक अदालत गए, वहां से भी आदेश के बाद योगदान नहीं हुआ. बिहार सेवा शिकायत के जजमेंट को भी नहीं माना गया. आपके कानून को भी उठाकर फेंक दिया गया.
शिक्षक की बात को सुनकर सीएम नीतीश ने उन्हें अधिकारियों के पास भेज दिया और कहा कि आप अपनी बात को उनके सामने रखें. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण, एससी-एसटी कल्याण, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, आइटी, कला-संस्कृति एवं युवा, वित्त, श्रम संसाधन और सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ी शिकायतों को सुना. बताया जा रहा है कि आज सीएम तक़रीबन ने 200 लोगों की शिकायत सुनी और उनकी समस्याओं का ऑनस्पॉट निबटारा किया.
आपको बता दें कि पिछली बार सीएम नीतीश मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से 153 फरियादी पहुंचे थे. सीएम ने लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया.