ब्रेकिंग न्यूज़

Budget 2026: ‘देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा’, बजट 2026 पर बोलीं सीएम ममता बनर्जी Budget 2026: ‘देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा’, बजट 2026 पर बोलीं सीएम ममता बनर्जी Budget 2026: बजट 2026 में ऐसा कौन सा ऐलान हुआ कि शेयर बाजार में मच गया हाहाकार, एक झटके में 8 लाख करोड़ स्वाहा! Budget 2026: बजट 2026 में ऐसा कौन सा ऐलान हुआ कि शेयर बाजार में मच गया हाहाकार, एक झटके में 8 लाख करोड़ स्वाहा! Bihar News : “तोर मजनुआ रंगदार के थाना दिवाना बा...", आर्केस्ट्रा गर्ल्स के साथ पिस्टल लेकर डांस करते हुए वीडियो वायरल, फायरिंग के बाद दशहत बिहार में सेहत से खिलवाड़: ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली सामान बेचने वाले बड़े सिंडिकेट का खुलासा, लोगों में हड़कंप केंद्रीय बजट 2026-27 : विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देते हुए जन आकांक्षाओं की पूर्ति का ब्लूप्रिंट है यह बजट- नीतीश मिश्रा Road Accident : बिहार में सड़क हादसों पर लगेगा ब्रेक, ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए सरकार ने तैयार किया एक्शन प्लान बिहार के वकील ने जिंदा दारोगा का गयाजी में क्यों किया पिंडदान? जानिए.. झूठ-फरेब और ‘भिष्म प्रतिज्ञा’ की दिलचस्प कहानी बिहार में साइबर क्राइम के दो बड़े मामले: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 27 लाख की ठगी, तो बिजली विभाग का अधिकारी बनकर 4 लाख वसूले

जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत ने खोली नीतीश सरकार की पोल, शराबबंदी का दावा बिहार में फेल

जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत ने खोली नीतीश सरकार की पोल, शराबबंदी का दावा बिहार में फेल

21-Nov-2023 09:13 PM

By First Bihar

PATNA: बिहार के सीतामढ़ी और गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हो गयी है। इस घटना ने एक बार फिर बिहार की महागठबंधन और नीतीश सरकार की पोल खोलकर रख दी है। इस घटना से यह साबित हो गया है कि बिहार में शराबबंदी लागू किये जाने का जो दावा किया जा रहा है वो फेल है। बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने उक्त बातें कही। 


उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बिहार के शराब माफिया से मिली हुई है यही कारण है कि पुलिस मौत के सही कारणों को छिपाने में लगी है। शराब से मौत को अज्ञात बीमारी से मौत बता रही है। अभी तक 8.67 लाख लीटर शराब जब्त किया गया है इससे दस गुणा ज्यादा की आपूर्ति की जा रही है। जिन लोगों की मौत हुई है उनके आश्रितों को 4-4 लाख रुपये देने की बात सुशील मोदी ने की है। 


पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सीतामढी और गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत ने फिर साबित किया कि राज्य सरकार पूर्ण मद्यनिषेध की नीति लागू करने में पूरी तरह विफल है। छठ पर्व हुई इस त्रासदी के बाद सरकार को अब मृतक आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने में पहले की तरह हीलाहवाली नहीं करनी चाहिए। 


उन्होंने कहा कि हर साल जहरीली शराब से लोगों के मरने की एक दर्जन से ज्यादा घटनाओं के बावजूद नीतीश कुमार शराब नीति की समीक्षा न करने पर अड़े हैं। सुशील मोदी ने कहा कि पुलिस प्रशासन एक तरफ शराब माफिया की मदद कर अकूत कमाई कर रहा है और दूसरी ओर जहरीली शराब से मौत छिपाने के लिए  रिकार्ड में "अज्ञात बीमारी से मृत्यु " दर्ज कर रहा है, ताकि आश्रितों को  मुआवजा न मिल सके। सीतामढ़ी में जहरीली शराब से मौत के बाद पुलिस के डर से कुछ शवों को बिना पोस्टमार्टम के जला दिया गया। 


उन्होंने कहा कि इस साल के दस महीनों में 8.67 लाख लीटर शराब जब्त दिखाई गई, जबकि इससे दस गुना अधिक शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है। राज्य में प्रतिबंधित शराब अब केवल दो-पहिया-चार पहिया वाहनों से ही नहीं, बड़े ट्रक और कंटेनरों से भी पहुँचायी जा रही है। पुलिस ने 226 ट्रक शराब और 123 चार-पहिया वाहन जब्त किये हैं। 


सुशील मोदी ने कहा कि पूरे राज्य में शराब की होम डिलिवरी और राजधानी पटना में सरकार की नाक के नीचे पान की गुमटी तक पर शराब उपलब्ध होना क्या पर्याप्त और  सुरक्षित सप्लाई चेन के बिना संभव है? उन्होंने कहा कि जहरीली शराब से मौत के बाद पुलिस के निचले स्तर के चंद अधिकारियों को निलंबित करना केवल दिखावा है। यदि सरकार में हिम्मत हो, तो नह शराब माफिया के सरगना और उनके राजनीतिक गॉड फादर पर कड़ी  कार्रवाई करे।