Bihar expressway : बिहार के इस जिले से गुजरेंगे तीन बड़े एक्सप्रेसवे, रेल कनेक्टिविटी से मिलेगा आर्थिक बल Bihar new rail line : बिहार के इस क्षेत्र को मिलेगी नई रेल लाइन, जल्द धरातल पर उतरेगा बड़ा प्रोजेक्ट Bihar cyber crime : बिहार में साइबर अपराध पर सख्ती, बनेगी मल्टी-डिपार्टमेंट स्पेशल टीम Bihar education department : बिहार शिक्षा विभाग की बड़ी पहल: शिक्षकों की शिकायतें होंगी चुटकियों में हल, यह सुविधा भी पूरी तरह डिजिटल Patna municipal corporation : पटना में रोशनी और पानी पर बड़ा फैसला, इन चीजों को मिली मंजूरी; अब दिखेगा बदला -बदला नजारा Bihar teacher : संभल जाएं सरकारी शिक्षक: इस जगह नहीं बनाई हाजिरी तो नहीं मिलेगा मासिक वेतन, विभाग ने जारी किया आदेश Bihar Pink Bus Scheme : बिहार में महिलाओं के हाथों पिंक बसों की कमान, तीन जिलों में खुलेंगे नए आईडीटीआर केंद्र Pappu Yadav : ईसीजी से अल्ट्रासाउंड तक: सांसद पप्पू यादव की जांच रिपोर्ट में क्या आया, डॉक्टरों ने बताया NEET student murder : NEET छात्रा कांड के बाद महिला छात्रावास में सुरक्षा कड़ी, सभी हॉस्टलों में CCTV और सख्त नियम लागू Bihar weather : बिहार मौसम अपडेट: गोपालगंज सबसे गर्म, सीवान सबसे ठंडा, कोहरे और ठंड का मिला-जुला असर
21-Nov-2023 09:33 AM
By First Bihar
PATNA : अगर आप बिहार में रहते हैं और मंगलवार को सरकारी अस्पताल जाना चाहते हैं तो ये खबर जरूर पढ़ लीजिए। कहीं ऐसा ना हो कि आप जाएं और आपको खाली हाथ लौटना पड़े। हम यह बातें इस वजह से कह रहे है क्योंकि बिहार के सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी को छोड़कर बाकी सभी सेवाएं ठप रहेगी। इस बात का एलान आईएमए ने किया है।
दरअसल, पूर्णिया में सर्जन डॉ राजेश पासवान के ऊपर हुए हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने मंगलवार को स्वास्थ्य संस्थानों में कार्य बहिष्कार का आह्वान किया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बिहार शाखा ने कहा है कि पुलिस की उपस्थिति में डॉ राजेश पासवान के ऊपर हमला हुआ है। इस प्रकार की घटनाएं बार-बार हो रही हैं। ऐसे में इसके विरोध में मंगलवार 21 नवंबर को सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में इमरजेंसी कार्य छोड़कर शेष सभी कार्य ठप रहेंगे।
बताया जा रहा है कि, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इस घटना की घोर निंदा करते हुए कहा है कि आईएमए की बिहार शाखा घटना की घोर निंदा करता है। हमारी सरकार से मांग है कि सभी दोषियों पर बिहार चिकित्सीय संस्थान एवं व्यक्ति सुरक्षा नियमावली 2018 के अंतर्गत तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई हो। इसके साथ ही सरकार से यह भी मांग की है कि बिहार चिकित्सीय संस्थान एवं व्यक्ति सुरक्षा कानून 2011 में एपिडेमिक डिजीज कानून 2020 के प्रावधानों को भी अविलंब अंतर्निहित किया जाए। ताकि चिकित्सा संस्थानों और चिकित्सकों के विरुद्ध हो रही हिंसा की घटना पर प्रभावी रोक लग सके।
उधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन कहा कहना है कि पिछले दो वर्षों से बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार अनुरोध कर चुका है, लेकिन बार-बार केवल आश्वासन मिला है और अभी तक सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है. ऐसे में मंगलवार 21 नवंबर को राज्य के सभी चिकित्सीय संस्थान में इमरजेंसी सेवा छोड़कर सभी कार्य बंद रहेंगे। इसके बाद आगे की क्रिया के लिए एक्शन कमेटी टीम की विस्तारित बैठक 22 नवंबर को शाम में की जाएगी और आगे की कार्रवाई की रूपरेखा तय की जाएगी।