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25-Apr-2023 09:11 PM
By First Bihar
DELHI: डीएम हत्याकांड के दोषी आनंद मोहन की रिहाई के बिहार सरकार के फैसले के खिलाफ अब सेंट्रल आईएएस एसोसियेशन सामने आ गया है. आईएएस एसोसियेशन ने कहा है-नियमों में फेर बदल कर एक डीएम की नृशंस हत्या करने वाले की रिहाई न्याय देने से इंकार करना है. इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं.
आईएएस एसोसियेशन ने आनंद मोहन की रिहाई के सरकारी फैसले पर प्रेस विज्ञप्ति जारी किया है. सेंट्रल आईएएस एसोसिएशन ने कहा है-हम गोपालगंज के पूर्व जिलाधिकारी स्वर्गीय जी कृष्णैया की नृशंस हत्या के दोषी नियमों में बदलाव कर रिहा करने के बिहार सरकार के फैसले पर गहरी निराशा व्यक्त करते हैं.
एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की जघन्य हत्या के दोषी को कम जघन्य श्रेणी में डाला नहीं जा सकता है. सरकार ने नियमों में फेरबदल किया जिससे ड्यूटी पर तैनात एक अधिकारी के सजायाफ्ता हत्यारे की रिहाई हो रही है. ये किसी को न्याय से वंचित करने के समान है. इस तरह के फैसले से लोक सेवकों के मनोबल में गिरावट आती है, पब्लिक आर्डर को कमजोर किया जाता है और न्याय का मजाक उड़ाया जाता है.
आईएएस एसोसियेशन ने कहा है कि हम हम दृढ़ता से अनुरोध करते हैं कि बिहार सरकार जल्द से जल्द अपने फैसले पर पुनर्विचार करे. यानि आनंद मोहन को जेल से रिहा करने के फैसले को वापस ले.
बता दें कि आनंद मोहन को जेल से रिहा करने के बिहार सरकार के फैसले पर विवाद बढ़ता जा रहा है. स्व. जी. कृष्णैया की पत्नी औऱ बेटी मीडिया के सामने आयी हैं. उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल पूछा है-क्या यही इंसाफ है कि एक दलित और इमानदार अफसर के हत्यारे को जेल से छोड़ा जा रहा है. क्या जी. कृष्णैया का कसूर यही था कि वे बिहार में काम करने गये थे. दिवंगत डीएम की पत्नी ने कहा है कि वे बिहार सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रही हैं.
जी.कृष्णैया की पत्नी टी. उमा देवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नीतीश जी को अच्छा लोग नहीं मिला होगा इसलिए क्रिमिनल आनंद मोहन को रिहा कर रहे हैं. ऐसा आदमी जेल से छूट गया तो सारे क्रिमिनल को बढ़ावा मिलेगा. मेरे पति के हत्यारे को फांसी होनी चाहिये या उसको जिंदगी भर जेल में रहना चाहिये. उमा देवी ने नीतीश कुमार से कहा है-क्या यही इंसाफ है, केवल अपनी राजनीति मत सोचिये, पब्लिक के बारे में सोचिये. अपनी सरकार को बनाने के लिए आप अपराधियों को जेल से छोड़ रहे हैं.