ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News : JDU विधायक के बेटे की सड़क हादसे में मौत, घर से 500 मीटर दूर पेड़ से टकराई थार बेगूसराय में बारात का ‘टशन’ पड़ा भारी: हथियार लहराने वाले 4 के खिलाफ FIR दर्ज, छापेमारी जारी VAISHALI: गोरौल नगर पंचायत कचरा डंपिंग जोन में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी समस्तीपुर पुलिस की बड़ी सफलता: हथियार और कारतूस के साथ तीन शातिर अपराधी गिरफ्तार बिहार एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: बिहार और यूपी में वांछित दो कुख्यात नक्सली को दो जिलों से दबोचा गोपालगंज: दहीभाता पुल लूटकांड का खुलासा, तीन नाबालिग समेत पांच आरोपी गिरफ्तार 22,771 सिपाही बहाली के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन जारी, CSBC ने दी यह चेतावनी मुशहरी में जन संवाद में फूटा जनाक्रोश: विधायक बेबी कुमारी ने दिया अल्टीमेटम, भ्रष्टाचार बंद करो वरना होगी कार्रवाई मुजफ्फरपुर: कल इन इलाकों में घंटों गुल रहेगी बिजली, मेंटेनेंस को लेकर विभाग ने जारी किया अलर्ट लाइव रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार पर मिसाइल हमला, बाल-बाल बची जान, देखिये वायरल वीडियो

Home / news / हड़ताल पर गए डॉक्टरों पर नीतीश सरकार का बड़ा एक्शन, नहीं मिलेगी इतने...

हड़ताल पर गए डॉक्टरों पर नीतीश सरकार का बड़ा एक्शन, नहीं मिलेगी इतने दिनों की सैलरी

22-Nov-2023 08:10 AM

By First Bihar

PATNA : बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के आह्वान पर डॉक्टरों  का एक दिन के कार्य बहिष्कार को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने हड़ताली चिकित्सकों पर नो वर्क-नो पे लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत हड़ताली चिकित्सकों को एक दिन (मंगलवार) का वेतन नहीं देने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के तरफ से एक लेटर भी दिया गया है। 


दरअसल,  पूर्णिया में सर्जन डॉक्टर राजेश पासवान पर हुए हमले के खिलाफ आईएमए के आह्वान पर राज्यभर में मंगलवार को एक दिन के हड़ताल पर चले गए थे। जिसके बाद अब इसको लेकर विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की ओर से सभी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, अधीक्षक व सभी सिविल सर्जन को पत्र भेजा गया है। जिसके तहत विभाग ने हड़ताली चिकित्सकों पर नो वर्क-नो पे लागू करने का निर्णय लिया है। यानी की हड़ताली चिकित्सकों को एक दिन  का वेतन नहीं देने का निर्णय लिया गया है। 


स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि- बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ ने आईएमए के समर्थन में कार्य बहिष्कार की घोषणा की थी। इस निर्णय को लेने से पहले भासा ने सरकार को समुचित रूप से इसे संज्ञान में नहीं लाया है। इसलिए भासा का यह निर्णय पूर्णत: अवैध है। इसके आलोक में कार्य बहिष्कार को अवैध घोषित करते हुए नो वर्क-नो पे लागू करने का निर्णय लिया गया है।


 इस आधार पर कार्य बहिष्कार में शामिल राज्य सरकार के अन्तर्गत कार्यरत चिकित्सकों को एक दिन (21 नवम्बर) का वेतन अवरुद्ध करने का निर्णय लिया जाता है। विभाग ने  संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारियों को इस आदेश का अनुपालन करने को कहा है। इसको लेकर अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की ओर से सभी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, अधीक्षक व सभी सिविल सर्जन को पत्र भेजा गया है


उधर, सरकार के इस निर्णय का भासा ने विरोध किया है। संघ के अपर महासचिव डॉ हसरत अब्बास ने कहा कि जान जोखिम में डालकर डॉक्टर चिकित्सकीय कार्य नहीं कर सकते हैं। खुद सुरक्षित रहने पर ही डॉक्टर मरीजों का उपचार कर सकते हैं। इसलिए अगर सरकार एक दिन का वेतन काटती है तो संघ पांच दिनों तक कार्य बहिष्कार करने को तैयार है।