ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर लगातार दूसरे दिन पथराव, रेल यात्रियों में दहशत बिहार में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर लगातार दूसरे दिन पथराव, रेल यात्रियों में दहशत Bihar News: थावे दुर्गा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं पर हमला, प्रसाद के विवाद में जमकर हुई मारपीट Bihar News: थावे दुर्गा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं पर हमला, प्रसाद के विवाद में जमकर हुई मारपीट मिडल ईस्ट युद्ध के बीच भारत ने बढ़ाई खुद की सुरक्षा, अब गोला-बारूद ही नहीं इस टेक्नोलॉजी से भी दुश्मन को मिलेगा करारा जवाब IPL 2026 से पहले बड़ा झटका! 7 खिलाड़ी बाहर, 9 पर सस्पेंस, टीमों की बढ़ी टेंशन; ये है पूरी लिस्ट धर्मसंकट में आरजेडी और कांग्रेस, राज्यसभा चुनाव में गच्चा देने वाले विधायकों पर क्यों नहीं हो रहा एक्शन? धर्मसंकट में आरजेडी और कांग्रेस, राज्यसभा चुनाव में गच्चा देने वाले विधायकों पर क्यों नहीं हो रहा एक्शन? RailOne App : अब घर तक छोड़ेगी रेलवे! इस ऐप से टिकट के साथ बुक करें टैक्सी, रेलवे की नई सुविधा ने बदला सफर का तरीका Zomato से खाना मंगवाना हुआ महंगा, हर ऑर्डर पर अब देनी होगी इतनी प्लेटफॉर्म फीस, जानिए

Home / news / बिहार: गुंडई पर उतरे BJP MLA के कार्यकर्ताओं ने दलित को धमकाया, कहा.....

बिहार: गुंडई पर उतरे BJP MLA के कार्यकर्ताओं ने दलित को धमकाया, कहा.. विधायक जी वाला केस उठा लो नहीं तो दिक्कत में पड़ जाओगे

18-Jun-2021 04:00 PM

By Tahsin Ali

PURNEA :  बीजेपी विधायक विजय खेमका और उनके बॉडीगार्ड द्वारा दलित युवक की पिटाई मामले में पीड़ित एक बार फिर सामने आया है। न्याय के लिए कार्यालय का चक्कर लगा रहे पीड़ित अनिल राम ने मीडिया को बताया कि बीजेपी विधायक विजय खेमका के कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें लगातार केस उठाने की धमकी दी जा रही है। ऐसा नहीं करने पर जान गंवाने की बात कही जा रही है। यही नहीं पैसे की भी लालच दी जा रही है। अनिल राम का कहना है कि घटना के दो सप्ताह से अधिक हो गये लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। जबकि इसे लेकर उसने मुख्यमंत्री,डीजीपी,आईजी,एसपी तक को आवेदन दिया है। 


अनिल राम का कहना है कि विधायक जी के कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार केस उठाने की धमकी दी जा रही है। साथ ही 20 लाख रुपये देने का प्रलोभन भी दिया जा रहा है। अनिल राम का कहना है उसे और कुछ नहीं चाहिए सिर्फ न्याय चाहिए। कार्यकर्ताओं द्वारा जान से मारने की धमकी मिलने के बाद उसने पुलिस के वरीय अधिकारियों को आवेदन दिया है और कार्रवाई की मांग की है। 


मीडिया से बातचीत के दौरान अनिल राम ने कहा कि बीजेपी विधायक विजय खेमका के कार्यकर्ता बाइक से उनके घर पर आए थे। सिर पर हेलमेल और चेहरे पर मास्क लगाए हुए थे। चेहरे पर लगाए गये मास्क पर फुल छाप का निशान था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केस उठाने की धमकी दी। ऐसा नहीं करने पर जान गंवाने की बात कही। जब वे नहीं माने तब 20 लाख रुपये की पेशकश की और वहां से चलते बने। अनिल राम का कहना है कि घटना के दो सप्ताह से अधिक हो गये लेकिन इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। इसलिए सरकार और पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है।


गौरतलब है कि पूर्णिया के बीजेपी विधायक विजय खेमका और उनके बॉडीगार्ड के ऊपर एससी-एसटी थाने में केस दर्ज किया गया था। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम के दौरान एक दलित युवक की जमकर पिटाई की गई थी। इसी मामले में अब विधायक और उनके बॉडीगार्ड के ऊपर केस दर्ज किया गया था।


मामला 30 मई को पूर्णिया जिले के गुलाबबाग की है जहां पुराना सिनेमा हाॅल रोड के पास आम जनता के साथ पूर्णिया सदर विधायक विजय खेमका पीएम मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' को सुन रहे थे. 'मन की बात' कार्यक्रम संपन्न होने के बाद एक दलित युवक अनिल कुमार राम ने भाजपा विधायक विजय खेमका से अपने इलाके की ख़राब स्थिति को लेकर शिकायत की और कहा कि दलित बस्ती में चलकर देखिये कि वहां के लोग कैसे हालात में रहने को विवश हैं. सड़क, गली और नाली सबका बुरा हाल है. इनसब का मरम्मत जरूरी है.


दलित युवक अनिल कुमार राम ने बीजेपी विधायक विधायक विजय खेमका से कहा कि बारिश के समय में दलित बस्ती में रहने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं. नाली का कीचड़ गली में जमा हो जाता है. लोग कीचड़ में ही आने-जाने को मजबूर होते हैं. एक जनप्रतिनिधि होने के नाते एक बार आपको इसके बारे में सोचना चाहिए और इसे ठीक कराना चाहिए ताकि दलित बस्ती के लोग भी ठीक से रह सके.


अनिल कुमार राम का आरोप था कि उसकी शिकायत सुनकर भाजपा विधायक विजय खेमका जड़ से उखड़ गए. उन्होंने खुद कॉलर पकड़ लिया और उनके बॉडीगार्ड ने पीटना शुरू कर दिया. भाजपा विधायक के बॉडीगार्ड ने दलित युवक की पिटाई की थी। तभी वहां मौजूद दलित बस्ती के लोग काफी आक्रोशित हो गए थे और उन्होंने विधायक और विधायक के बॉडीगार्ड के इस रवैये का विरोध किया था। जिसके बाद पीड़ित ने पूर्णिया के बीजेपी विधायक विजय खेमका और उनके बॉडीगार्ड के ऊपर एससी-एसटी थाने में केस दर्ज किया गया था।