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फर्जी तरीके से शिक्षक बनाकर लोगों से की गई दो करोड़ की ठगी, जीविका दीदी भी हुई शिकार

26-Jul-2022 09:50 PM

ARWAL: बेरोजगार युवक युवतियों को शिक्षक बनाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। इस फर्जीवाड़े का शिकार जिले के लगभग दो हजार से अधिक लोग हुए हैं। दरअसल जे एस यू इंडिया एजुकेशनल एंड सोशल सर्विस नाम की एक फर्जी संस्था बैदराबाद में स्थापित की गई। धीरे-धीरे संस्थान के लोग लोगों से जुड़ने लगे और उन्हें शिक्षक बनाने के नाम पर पहले जीविका दीदी से चार हजार रुपए लेकर होम ट्यूटर के रूप में रजिस्ट्रेशन करवाया और प्रति महीने 750 रुपए की सैलरी निर्धारित की।


शुरुआती दौर में जुड़े लोगो को 3 महीने तक समय से वेतन की भुगतान किया इसके बाद संस्था से जुड़े  लोगों को अन्य दूसरे लोगों को संस्थान से जोड़ने पर कमीशन देनी शुरू की इसके बाद लोग लगातार इससे जुड़ते चले गए जैसे ही 2000 से अधिक लोग इस संस्थान से जुड़ गए इसके बाद संस्थान के द्वारा 2 महीने तक वेतन देना बंद कर दिया गया। इसके बाद लोग कार्यालय पहुंचे तो संस्थान का बैनर पोस्टर कार्यालय से गायब था और संस्थान के  प्रबंधक भी फरार था। लोगों को शक हुई की संस्थान सब कुछ लेकर चंपत हो गया इसके बाद इसकी शिकायत सदर थाने  के अलावे डीएम और एसपी से की गई। संस्थान से जुड़े लोग एक दूसरे से अपने रुपए मांगने लगे। जिसके बाद मामला तूल पकड़ा और विरोध प्रदर्शन तक पहुंचा।


शुरुआत के दौर में होम ट्यूटर के रूप में जुड़े लोगों को एजेंट के रूप में बहाल कर दिया और इन लोगों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को जोड़ने के लिए कमीशन देनी शुरू कर दी जिसके बाद लोग पैसे की लालच में जुड़ते चले गए यहां तक की जीविका दीदी भी इस संस्थान से जुड़ गई जिसके बाद संस्थान में मोटी रकम आते ही रफूचक्कर हो गया।इस मामले को लेकर राकेश कुमार शहर तेलपा ओपी के बाला बिगहा गांव निवासी ने भरत सिंह, शत्रुघ्न सिंह समेत चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। असिस्टेंट पुलिस अधीक्षक रौशन  कुमार ने बताया कि सदर थाने में चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है फिलहाल पुलिस अनुसंधान कर रही है अनुसंधान के बाद ही ठगी के बारे में जानकारी दी जाएगी।


सदर थाना क्षेत्र के हैबतपुर गांव निवासी नीतू कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बेबी देवी से चार लाख ,ममता कुमारी से  पाँच लाख, नीतू कुमारी से पाँच लाख, इंदु देवी से सात लाख रुपये इसके अलावा रविंदर कुमार संगीता कुमारी रीना कुमारी सुनीता देवी स्वर्ण लता कुमारी समेत एक दर्जन से अधिक लोगों से करोड़ों की ठगी कर ली गई। ठगी के शिकार हुए सभी लोग एजेंट के रूप में कार्यरत है इसलिए इन लोगों ने लोगों से रुपए लेकर संस्थान को मुहैया करायी।