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19-Apr-2020 11:39 AM
PATNA : बिहार के वैशाली के कोरोना पॉजिटिव मरीज की वजह से अभी पटना और वैशाली जिले के 1000 लोग स्वास्थ्य विभाग के रडार में आ चुके हैं। पटना जिला प्रशासन लगातार वैशाली पॉजिटिव शख्स जिसकी मौत हो चुकी है के कनेक्शन खंगालने में जुटा है। वैशाली के युवक को संक्रमित करने वाले शख्स का अब तक कोई ट्रेस नहीं हो सका है।
पटना जिला प्रशासन के द्वारा पॉपुलर हॉस्पिटल में एक अप्रैल से लेकर प्रतिबंध लगाने तक के बीच आए मरीजों का डाटा खंगाला जा रहा है। खुसरूपुर के भी हॉस्पिटल में 20-30 मार्च के बीच आए मरीजों की जांच की जा रही है। दोनों हॉस्पिटलों और उनके यहां इलाज के लिए आए मरीजों और परिजनों की पूरी सूची हजार लोगों से उपर निकल चुकी है। हॉस्पिटल में आने वालों का एक-एक कनेक्शन खंगाला जा रहा है।
बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग अब तक पांच सौ से अधिक लोगों के बारे में कुछ जानकारी जुटा चुका है। सिविल सर्जन कार्यालय से लगातार अस्पताल और जांच केंद्रों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों और उनसे मिलने आए उनके रिश्तेदारों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।
पटना जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज की मौत में प्राइवेट हॉस्पिटल की भूमिका की जांच के भी निर्देश दिए गए हैं।डीएम कुमार रवि ने जांच का जिम्मा सिविल सर्जन और उनकी टीम को सौंपा है। देखा जाएगा कि राघोपुर के मरीज में बाइपास स्थित पॉपुलर नर्सिंग होम में कोरोना के लक्षण मिले तो इसकी जानकारी प्रशासन को क्यों नहीं दी गयी। इसके अलावे खुसरूपुर स्थित अस्पताल में जब मरीज भर्ती हुआ तो उसकी क्या-क्या जांच हुई और इस दौरान उसे क्या-क्या बीमारी थी। इसका भी पता लगाया जाएगा। अगर उस अस्पताल में सर्दी, खांसी या फिर बुखार की शिकायत थी तो इसकी सूचना प्रशासन को क्यों नहीं दी गयी।