ब्रेकिंग न्यूज़

चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: पद से हटाई गईं जहानाबाद की जिला परिषद अध्यक्ष रानी कुमारी, उपाध्यक्ष की कुर्सी बची IPL 2026 : आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले CSK को बड़ा झटका, शुरुआती मैचों से बाहर हुए 'थाला' मैट्रिक परीक्षा 2026 के रिजल्ट को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल नोटिस का क्या है सच? बिहार बोर्ड का आया जवाब मैट्रिक परीक्षा 2026 के रिजल्ट को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल नोटिस का क्या है सच? बिहार बोर्ड का आया जवाब Sunset Points in India: भारत में कहां दिखता है सबसे जादुई सनसेट? ये 5 जगहें बना देंगी आपकी शाम यादगार बिहार पुलिस का बड़ा एक्शन: अलग-अलग मामलों के 32 आरोपी गिरफ्तार, शराब और अवैध हथियार भी बरामद बिहार पुलिस का बड़ा एक्शन: अलग-अलग मामलों के 32 आरोपी गिरफ्तार, शराब और अवैध हथियार भी बरामद RBI new rule 2026 : अब सिर्फ OTP नहीं चलेगा! 1 अप्रैल से बदलने वाला है डिजिटल पेमेंट का पूरा सिस्टम; RBI का बड़ा फैसला इंडिगो की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, हवा में विमान का इंजन खराब होने से मचा हड़कंप इंडिगो की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, हवा में विमान का इंजन खराब होने से मचा हड़कंप

Home / news / ECI के इस काम से बेहद खुश है सुप्रीम कोर्ट, दखलअंदाजी से किया...

ECI के इस काम से बेहद खुश है सुप्रीम कोर्ट, दखलअंदाजी से किया इनकार

13-Feb-2024 07:17 AM

By First Bihar

DESK : ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग के काम से सुप्रीम कोर्ट बेहद खुश नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि आयोग पर इस तरह के आरोप नहीं लगाए जाए सकते कि वह डुप्लिकेट और फर्जी वोटरों को हटाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहा है। दरअसल, एक जनहित याचिका दाखिल हुई थी, जिसमें आरोप लगाए गए थे कि सूची में फर्जी मतदाता शामिल हैं और बड़े स्तर पर डुप्लिकेट वोटर भी मौजूद हैं।


उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आयोग के अंतिम मतदाता सूची तैयार करने के काम पर संतुष्टि जताई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव आयोग का कहना है कि अंतिम प्रकाशित सूची के मुताबिक, देशभर में 96.9 करोड़ मतदाता रजिस्टर किए गए हैं। 18-19 और 20-29 आयुवर्ग के दो करोड़ से ज्यादा मतदाताओं को भी सूची में शामिल किया गया है।


चुनाव आयोग की तरफ से कोर्ट पहुंचे एडवोकेट अमित शर्मा ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा के सामने मतदाता सूची को लेकर जानकारी रखी। उन्होंने बेंच को बताया कि मतदाताओं की तरफ से चुनाव आयोग को डुप्लिकेट एंट्री हटाने और मृत वोटर्स को लिस्ट में हटाने से पूरा प्रयास नहीं किया जाता है।


उन्होंने बताया कि इसके चलते आयोग और बूथ लेवल के अधिकारियों ने घर-घर जाकर वेरिफिकेशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'एक आईटी सिस्टम संभावित डेमोग्राफिक सिमिलर एंट्रीज यानी DSEs और फोटो सिमिलर एंट्रीज (PSEs) की एक लिस्ट तैयार करता है। घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करना एक मददगार टूल के तौर पर इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (EROs/AEROs) की मदद करता है, जिन्हें संबंधित कानून और नियम के तहत प्रक्रिया को पूरा करना है।'


आपको बताते चलें कि देश में लोकसभा चुनाव की तैयारियां जारी हैं। हालांकि, अब तक चुनाव आयोग की तरफ से कार्यक्रम का ऐलान नहीं किया गया है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि फरवरी के अंत में या मार्च के पहले सप्ताह में तारीखों का ऐलान हो सकता है। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को लेकर ख़ुशी जताई है तो इससे आयोग को भी बड़ी राहत मिली है।