Bihar politics : बिहार की सियासत में नया अध्याय : निशांत ने संभाली JDU की कमान ! संजय झा के घर विधायकों के साथ हाईलेवल मीटिंग, बनी यह ख़ास रणनीति HRMS Portal Railway: महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए रेलवे का बड़ा कदम, अब इस तरह से कर सकेंगी शिकायत Bihar News : एक ही परिवार से उठी दो अर्थी, मामा-भांजे की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत IAS SUCCESS STORY : छोटे से गांव का बड़ा कमाल : कोचिंग नहीं की… फिर भी UPSC में टॉप! पटना के इशित्व ने कर दिखाया कमाल; सक्सेस स्टोरी हो रही वायरल Bihar Ration Card eKYC : बिहार में राशन कार्डधारियों को इस डेट तक हर हाल में करना होगा यह काम, डेढ़ करोड़ लाभुकों का कट सकता है नाम BJP सांसदों को जारी हुआ व्हिप: 9 और 10 मार्च को सदन में हर हाल में उपस्थित रहना होगा, जानें वजह LPG Price Hike : घरेलू रसोई गैस सिलेंडर महंगा, 14.2 किलो LPG के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी, आज से लागू नया रेट बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इस पर बेकार की माथापच्ची हो रही है: नीतीश खुद तय कर चुके हैं उत्तराधिकारी का नाम, इस नेता की होगी ताजपोशी Bihar Teacher News: बिहार के 31 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का बड़ा एक्शन Bihar Teacher News: बिहार के 31 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का बड़ा एक्शन
11-Feb-2020 10:38 AM
DELHI : दिल्ली में आम आदमी पार्टी को बढ़त मिलने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने अपना प्रदर्शन पहले से सुधारा है। भारतीय जनता पार्टी लगातार दिल्ली में फायदे की तरफ बढ़ रही है। रुझानों के मुताबिक बीजेपी को अब तक तकरीबन 18 सीटों का फायदा होता दिख रहा है। लेकिन बीजेपी के सहयोगी दल अपने प्रदर्शन से निराश हुए हैं।
जेडीयू के 2 उम्मीदवारों के अलावे एलजीपी के इकलौते उम्मीदवार भी दिल्ली में पीछे चल रहे हैं। दिल्ली के सीमापुरी सुरक्षित विधानसभा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार संतलाल पीछे चल रहे हैं। आम आदमी पार्टी के राजेंद्र पाल गौतम पर लगभग 5000 मतों से आगे हैं। आपको बता दें कि सीमापुरी सुरक्षित विधानसभा सीट से राजेंद्र पाल गौतम विधायक हैं और पिछले बार उन्होंने तकरीबन 48000 से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के साथ चिराग पासवान भी प्रचार करने उतरे थे। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ चिराग पासवान ने चुनाव प्रचार के दौरान मंच भी साझा किया था। एलजीपी की तैयारी पहले दिल्ली में अकेले चुनाव लड़ने की थी लेकिन बाद में एनडीए गठबंधन के तहत उसे एक सीट पर उम्मीदवार उतारने का मौका मिला।