Bihar Bhumi : सरकारी जमीन पर फर्जी जमाबंदी पर बड़ा आदेश, 45 दिन में रद्द होगी अवैध जमाबंदी; गड़बड़ी करने पर CO भी नपेंगे Bihar News : स्कूल के लिए निकली 4 छात्राएं एक साथ लापता, SSP ने गठित की SIT; हर बिंदु पर खोजबीन जारी property tax Patna : पटना संपत्ति कर निर्धारण की समय-सीमा तय, इस डेट तक नई संपत्तियों की पहचान अनिवार्य e-rickshaw ban : नेशनल और स्टेट हाईवे पर ई-रिक्शा का परिचालन बंद, जुगाड़ गाड़ियों पर भी पूर्ण प्रतिबंध NEET student case : शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत का रहस्य : शुरू हुई SIT की जांच तो IMA से पत्र लिखवा खुद को पाक-साफ़ बताने में जुटा प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल NEET student case : नीट छात्रा मौत मामले में मोबाइल खोलेगा राज, ज्यादा बातचीत वाले फोन नंबरों की जांच शुरू Tufcon TMT : Tufcon TMT द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालय योगीटांड़ गिरिडीह में 220 कंबलों का वितरण, जरूरतमंदों को मिली ठंड से राहत Bihar liquor mafia : बिहार में शराब माफियाओं पर बड़ा एक्शन, 24 तस्करों पर कसेगा शिकंजा; सम्राट चौधरी के आदेश पर ऐक्शन Bihar weather update : बिहार में घना कोहरा, 19-20 जनवरी को येलो अलर्ट; तापमान में जल्द बढ़ोतरी से मिलेगी राहत क्या यही शराबबंदी है? शराब तस्करी के नये-नये हथकंडे अपना रहे धंधेबाज, डाक पार्सल वैन से 22 लाख की विदेशी वाइन बरामद
08-Jan-2020 03:37 PM
By PANKAJ KUMAR
GAYA : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार धर्मगुरु दलाई लामा से मिलने के लिए बोधगया पहुंचे हैं। भगवान बुद्ध की तपोभूमि पर 5 दिनों तक तिब्बतियों के धर्मगुरु दलाई लामा ने अपने हजारों अनुयायियों को जीवन के गूढ़ रहस्य की जानकारी टीचिंग सेशन के दौरान दी।
हर साल दलाई लामा के बोधगया प्रवास के दौरान सीएम नीतीश कुमार उनसे मिलने जरुर जाते हैं। पिछले साल की बात करें तो उस वक्त भी नीतीश के कालचक्र मैदान जाकर दलाई लामा का आशीर्वाद लिया था।
दलाईलामा बुधवार 14 दिवसीय प्रवास पर बोधगया में हैं। दलाईलामा के प्रवचन में 50 से अधिक देशों के 30 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं पहुंचे। प्रवचन में ब्राजील, चीन, वियतनाम, जापान, अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, इस्राइल, पोलैंड, आस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया, रूस, दक्षिण कोरिया समेत अन्य देशों के श्रद्धालु पहुंचे।
अध्यात्मिक धर्मगुरु दलाईलामा ने अपने प्रवास के दौरान चीन को शांति, अहिंसा और मानवता का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि हमारे पास सच्चाई की ताकत है, जबकि चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के पास बंदूक की ताकत है। तिब्बती बौद्ध सच्चाई की ताकत के बल पर चीन की बंदूक की ताकत से लड़ते रहेंगे। लंबी रेस में सच की ताकत, बंदूक से ज्यादा मजबूत साबित होती है।