BIHAR BHUMI : सर...CO 25 हजार रू घूस लिया है..बॉडीगार्ड के माध्यम से, भड़के विजय सिन्हा ने SP से कहा- खोज कर लाइए और ऑपरेशन करिए, सीओ का पावर सीज होगा.... BIHAR BHUMI : विजय सिन्हा ने राजस्व कर्मचारी को लगाई फटकार,कहा -15 दिनों में काम करो वरना इस अंचल में नहीं रहने दूंगा Land Record : गलती से नाम हटा दिया सर: राजस्व कर्मचारी ने मान ली गलती, विजय सिन्हा ने कहा – खुद वेतन से 4 साल के आवागमन खर्च का करें भुगतान BIHAR BHUMI : विजय कुमार सिन्हा जल्द ही प्रखंड में शुरू करेंगे जनसंवाद कार्यक्रम, कहा - हर हाल में होगा सभी समस्या का निपटारा BIHAR BHUMI : बिहार में राजस्व और भूमि सुधार विभाग में कर्मचारियों के ट्रांसफ़र का विजय सिन्हा ने दिया निर्देश, समस्या के हिसाब से कर्मियों की संख्या तय करने का आदेश BIHAR BHUMI : हम सस्पेंड ही नहीं करते बर्खास्त भी करते हैं, विजय सिन्हा ने अधिकारियों को कहा - ठंड के बाद मौसम बदल गया तो आप भी जल्द बदल जाए BIHAR BHUMI : गड़बड़ी करने वाले अफसरों को नौकरी के लायक नहीं छोडूंगा, विजय सिन्हा ने कहा - नाम सुधारने के लिए अंचल के देवता को खुश करना पड़ता है Revenue Department Bihar : गयाजी में जैसे ही विजय सिन्हा ने पूछा - भूमि एवं राजस्व विभाग में मेरे प्रयास का कितना दिख रहा असर ? जानिए फिर जनता ने क्या दिया जवाब Ajit Pawar Plane Crash : अजित पवार ही नहीं, माधवराव सिंधिया और संजय गांधी समेत इन बड़े राजनेताओं की भी प्लेन हादसों में जा चुकी है जान; देखिए पूरी लिस्ट Bihar News: सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर पूर्ण रोक, नीतीश सरकार ने बनाई हाईलेवल कमेटी...
20-Aug-2020 12:01 PM
DESK : 10 वीं और 12वीं में फेल हुए बच्चों को मध्य प्रदेश सरकार ने 'रुक जाना नहीं ' के तहत पास होने का एक और मौका दिया है. इसकी परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हुई. इस दौरान धार जिले से एक बेचैन करने वाली तस्वीर सामने आई है. कोरोना संकट के इस काल में बस बंद रहने के कारण बयडीपुरा के रहने वाले शोभाराम अपने बेटे आशीष को 10वीं की परीक्षा दिलाने के लिए सोमवार की रात 12 बजे साइकिल से निकल पड़े.
परीक्षा केंद्र 105 किलोमीटर दूर धार में बनाया गया था. पूरी रात साइकिल चलाने के बाद शोभाराम अपने बेटे को लेकर सुबह 8 बजे परीक्षा केंद्र पहुंचे. जहां आशीष ने तय समय पर परीक्षा दी.
शोभाराम ने बताया कि वे अनपढ़ हैं, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है. इसलिए उन्होंने ठाना है कि बच्चे को पढ़ाना है. उनके बेटे आशीष की 10 वीं में पूरक आ गई थी और पूरक परीक्षा का सेंटर पूरे जिले में केवल धार ही बनाया गया है. कोरोना काल में अभी यातायात चालू नहीं है. गरीबी के कारण दूसरे साधन का प्रबंध नहीं कर पाए. इसलिए वे बेटे को लेकर साइकिल से निकल पड़े. दोनों पिता-पुत्र साइकिल पर अपने साथ तीन दिन के लिए खाने-पीने का सामान भी ले आए थे.
धार प्रशासन को जब इस मामले का पता चला तो उन्होंने दोनों लोगों के लिए 24 तारीख तक ठहरने का इंतजाम कर दिया है. साथ ही खाने की पूरी व्यवस्था की गई है.