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हाथ साफ कर कोरोना से बचें आप, यहां जानें सेनेटाइजर बढ़िया है या साबुन

हाथ साफ कर कोरोना से बचें आप, यहां जानें सेनेटाइजर बढ़िया है या साबुन

20-Mar-2020 04:53 PM

DESK : कोरोना वायरस का डर लोगों में दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है. इस वायरस के बढ़ते प्रकोप से लोगों को बचाने के लिए सरकार ने कई दिशा निर्देश को जारी किया है. जनता अगर दिशानिर्देशों का पालन करे तो हम इस वायरल बीमारी से अपने और अपने परिवार को बचा सकते हैं. इस जानलेवा वायरस के फैलने के बाद शुरुआत से ही लोगों को साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोने की सलाह दी जा रही है. हालांकि इस निर्देश ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है. वायरस से लड़ने के लिए साबुन या सैनिटाइजर में से क्या ज्यादा बेहतर है ? लोग इस चर्चा में व्यस्त हैं. मेडिकल शॉप पर फेस मास्क और हैण्ड सैनिटाइजर की मांग बढ़ गई है. मौके का फायदा उठाते हुए दुकानदार जमाखोरी और महंगे दामों पर सैनिटाइजर बेचने का काम कर रहे हैं.


साबुन या सैनिटाइजर, कौन है बेहतर
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ वेल्स के प्रोफेसर पॉल थॉर्डर्सन के मुताबित कोरोना वायरस से बचने के लिए साबुन ज्यादा बेहतर विकल्प है. किसी भी वायरस में लिपिड पदार्थ होता है जो वायरस को किसी भी सतह पर चिपकने में मदद करता है. साबुन में फैटी एसिड और सॉल्ट जैसे तत्व होते हैं, जिन्हें एम्फिफाइल्स कहा जाता है, ये वायरस में मौजूद लिपिड को आसानी से खत्म कर देते हैं. जब हम 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोते है, तो चिपचिपा पदार्थ नष्ट हो जाता है. साबुन से हाथ धोने के बाद हमारी स्किन ड्राई हो जाती है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि साबुन काफी गहराई में जाकर कीटाणुओं को मारता है.


वहीं, एक दुसरे शोध के मुताबित सैनिटाइजर को साबुन के मुकाबले कम प्रभावशाली माना गया है. जिस सैनिटाइजर में एल्कोहल की मात्रा 60 % से ज्यादा है. वहीं सैनिटाइजर कोरोना वायरस को ख़त्म कर सकता है. मार्केट में तरह-तरह के सैनिटाइजर उपलब्ध हैं , ऐसे में सही सैनिटाइजर की पहचान करना मुश्किल है.


सही मायने में साबुन या सैनिटाइजर, क्या सही है ? इस बहस में पड़ने की जगह  हमें सावधनी बरतनी चाहिए. साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए. अगर हम इन बातों का पालन करें तो जल्द ही देश पर कोरोना वायरस का मंडराता खतरा ख़त्म हो जायेगा.



DESK : कोरोना वायरस का डर लोगों में दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है. इस वायरस के बढ़ते प्रकोप से लोगों को बचाने के लिए सरकार ने कई दिशा निर्देश को जारी किया है. जनता अगर दिशानिर्देशों का पालन करे तो हम इस वायरल बीमारी से अपने और अपने परिवार को बचा सकते हैं. इस जानलेवा वायरस के फैलने के बाद शुरुआत से ही लोगों को साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोने की सलाह दी जा रही है. हालांकि इस निर्देश ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है. वायरस से लड़ने के लिए साबुन या सैनिटाइजर में से क्या ज्यादा बेहतर है ? लोग इस चर्चा में व्यस्त हैं. मेडिकल शॉप पर फेस मास्क और हैण्ड सैनिटाइजर की मांग बढ़ गई है. मौके का फायदा उठाते हुए दुकानदार जमाखोरी और महंगे दामों पर सैनिटाइजर बेचने का काम कर रहे हैं.


साबुन या सैनिटाइजर, कौन है बेहतर
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ वेल्स के प्रोफेसर पॉल थॉर्डर्सन के मुताबित कोरोना वायरस से बचने के लिए साबुन ज्यादा बेहतर विकल्प है. किसी भी वायरस में लिपिड पदार्थ होता है जो वायरस को किसी भी सतह पर चिपकने में मदद करता है. साबुन में फैटी एसिड और सॉल्ट जैसे तत्व होते हैं, जिन्हें एम्फिफाइल्स कहा जाता है, ये वायरस में मौजूद लिपिड को आसानी से खत्म कर देते हैं. जब हम 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोते है, तो चिपचिपा पदार्थ नष्ट हो जाता है. साबुन से हाथ धोने के बाद हमारी स्किन ड्राई हो जाती है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि साबुन काफी गहराई में जाकर कीटाणुओं को मारता है.


वहीं, एक दुसरे शोध के मुताबित सैनिटाइजर को साबुन के मुकाबले कम प्रभावशाली माना गया है. जिस सैनिटाइजर में एल्कोहल की मात्रा 60 % से ज्यादा है. वहीं सैनिटाइजर कोरोना वायरस को ख़त्म कर सकता है. मार्केट में तरह-तरह के सैनिटाइजर उपलब्ध हैं , ऐसे में सही सैनिटाइजर की पहचान करना मुश्किल है.


सही मायने में साबुन या सैनिटाइजर, क्या सही है ? इस बहस में पड़ने की जगह  हमें सावधनी बरतनी चाहिए. साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए. अगर हम इन बातों का पालन करें तो जल्द ही देश पर कोरोना वायरस का मंडराता खतरा ख़त्म हो जायेगा.