‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी सुनसान जगह पर महिला के साथ छेड़खानी, विरोध किया तो रॉड से पीटा, पति से भी की मारपीट RJD विधायक ने LPG गैस संकट को सरकार द्वारा प्रायोजित कृत्रिम समस्या बताया, कालाबाजारी बढ़ाने का भी लगाया आरोप बिहार के इस जिले में बनेगी फोरलेन सड़क, लोगों को जाम से मिलेगी राहत; परियोजना पर खर्च होंगे इतने करोड़ बिहार के इस जिले में बनेगी फोरलेन सड़क, लोगों को जाम से मिलेगी राहत; परियोजना पर खर्च होंगे इतने करोड़ बिहार में साइकिल दुकान से भारी मात्रा में LPG सिलेंडर बरामद, कालाबाजारी के आरोप में एक गिरफ्तार बिहार में साइकिल दुकान से भारी मात्रा में LPG सिलेंडर बरामद, कालाबाजारी के आरोप में एक गिरफ्तार
22-Nov-2020 09:18 AM
DESK : देश भर में जारी कोरोना के कहर के बीच एक हैरान करने वाला मामला पश्चिम बंगाल के कोलकाता से सामने आया है, जहां 75 साल के वृद्ध को कोरोना संक्रमित पाए जान के बाद परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था. जहां से जानकारी मिली की वृद्ध की मौत हो गई. अस्पताल वालों ने कोविड प्रोटोकॉल के तहत प्लास्टिक बैग में शव को रखकर दिया था और परिजनों को चैहरा देखने की भी इजाजत नहीं दी गई थी.
परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया था और घर में श्राद्ध की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उसके एक दिन पहे बुजुर्ग अपने घर पहुंच गए. मामला कोलकाता के उत्तर 24 परगना के बिराटी से सामने आया है. जहां बिराटी के रहने वाले शिवदास बंद्धोपाध्याय 11 नवंबर को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद अस्पताल में भर्ती हुए थे. दो दिन बाद अस्पताल से परिजनों को जानकारी मिली की शिवदास बंद्धोपाध्याय का निधन हो गया. जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया और श्राद्ध की तैयारी हो रही थी तभी जिंदा होने की खबर मिली.
बंद्धोपाध्याय के बेटे ने बताया, ''हमने शव का अंतिम संस्कार किया और आज श्राद्ध करने के लिए तैयार थे. हालाँकि, हमें कल एक फोन आया. किसी ने हमें बताया कि मेरे पिता ठीक हो गए हैं और हमें उन्हें अस्पताल से घर ले जाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था करनी चाहिए. "हम हैरान हैं, हालांकि, हम उन्हें घर ले आए. अभी भी हमें यह नहीं पता कि हमने किसका अंतिम संस्कार किया है."