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25-Jan-2021 07:22 AM
DESK : देश में कोरोना वैक्सीन लगाने का पहला चरण जारी है। लगातार हजारों लोग कोरोना की वैक्सीन ले रहे हैं लेकिन कई जगहों पर वैक्सीन लेने के बाद कुछ लोगों की मौत से सवाल भी खड़े हुए हैं। ताजा खबर आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले से है जहां एक आशा कार्यकर्ता की मौत हो गई है। आशा कार्यकर्ता की मौत के बाद सहकर्मियों ने आरोप लगाया है कि कोरोना वैक्सीन लेने के बाद आशा कार्यकर्ता की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि जिस आशा कार्यकर्ता की मौत हुई उसने 5 दिन पहले कोरोना का टीका लगवाया था।
आशा कार्यकर्ता की मौत गुंटूर जिले के एक सरकारी अस्पताल में हुई। इस मामले में गुंटूर के डी एम सैमुअल आनंद का कहना है कि आशा कार्यकर्ता की मौत किस वजह से हुई इसकी जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही जा सकती है। गुंटूर के जिलाधिकारी के मुताबिक पिछले 8 दिनों में 10,000 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया गया है लेकिन इनमें से किसी के ऊपर कोई रिएक्शन नहीं नजर आया। इसके उलट आशा कार्यकर्ताओं ने वैक्सीन को मौत की वजह बताया है। आशा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के सामने अपने सहकर्मी की मौत के बाद प्रदर्शन भी किया और पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा देने की मांग की।
आशा कार्यकर्ता की मौत गुंटूर जिले में बवाल की बड़ी वजह बनता जा रहा है। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन यानी सीटू भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल शामिल हो गया है। परिवार के सदस्यों को मुआवजे के साथ-साथ सरकारी नौकरी दिए जाने और जमीन उपलब्ध कराने की भी मांग हो रही है। जिस आशा कार्यकर्ता की मौत हुई उसके भाई ने जानकारी देते हुए कहा है कि हम सबसे पहले तबीयत बिगड़ने के बाद आशा कार्यकर्ता को निजी अस्पताल में ले गए थे लेकिन जब तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो सरकारी अस्पताल में एडमिट कराया। जिस आशा कार्यकर्ता की मौत हुई वह चुस्त-दुरुस्त थी लेकिन कोरोना की वैक्सीन लेने के बाद उसके तबीयत में गिरावट आनी शुरू हो गई।