ब्रेकिंग न्यूज़

पटना में JP गंगा पथ का विस्तार, सिर्फ आधे घंटे में दीघा से कोईलवर; जल्द बनकर तैयार होगी फोरलेन सड़क पटना में JP गंगा पथ का विस्तार, सिर्फ आधे घंटे में दीघा से कोईलवर; जल्द बनकर तैयार होगी फोरलेन सड़क केंद्रीय विद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया शुरू, कक्षा 1 और बालवाटिका में ऐसे कराएं अपने बच्चों का एडमिशन केंद्रीय विद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया शुरू, कक्षा 1 और बालवाटिका में ऐसे कराएं अपने बच्चों का एडमिशन बिहार के सरकारी स्कूलों में अप्रैल से कंप्यूटर की पढाई अनिवार्य, परीक्षाएं भी होंगी आयोजित; बच्चों को स्मार्ट बनाने की तैयारी बिहार के सरकारी स्कूलों में अप्रैल से कंप्यूटर की पढाई अनिवार्य, परीक्षाएं भी होंगी आयोजित; बच्चों को स्मार्ट बनाने की तैयारी चैती छठ को लेकर पटना में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, कई मार्गों पर डायवर्जन और प्रतिबंध लागू चैती छठ को लेकर पटना में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, कई मार्गों पर डायवर्जन और प्रतिबंध लागू मनीष कश्यप पर 10 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप, यूट्यूबर समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज मनीष कश्यप पर 10 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप, यूट्यूबर समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

Home / news / जम्मू और कश्मीर में होने वाले बीडीसी चुनाव का कांग्रेस ने किया बहिष्कार

जम्मू और कश्मीर में होने वाले बीडीसी चुनाव का कांग्रेस ने किया बहिष्कार

09-Oct-2019 01:42 PM

DESK: कांग्रेस ने जम्मू और कश्मीर में होने वाले ब्लॉक डेवलेपमेंट काउंसिल चुनाव के बहिष्कार करने का फैसला लिया है. कांग्रेस ने पार्टी की एक बैठक कर इस मामले में अपनी राय जाहिर कर दी है. प्रदेश कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने कहा है कि उनकी पार्टी के अधिकतर नेता हिरासत में हैं इसलिए उनकी पार्टी ने इस चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है.

बता दें कि आगामी 24 अक्टूबर को राज्य में बीडीसी के चुनाव होने वाले हैं. इस चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस और महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी ने भी हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है. हालांकि नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस के कई नेताओं ने इस चुनाव में बीजेपी को समर्थन देने की घोषणा की है. उधर श्रीनगर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, राज्य के 316 में से 310 ब्लॉक्स के लिए 24 अक्टूबर को मतदान होगा.

वहीं बीजेपी ने इस चुनाव को एतिहासिक बताते हुए कहा है कि राज्य में होने वाले प्रखंड विकास परिषद के चुनाव ऐतिहासिक हैं, कारण है कि अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण यहां भी लागू किया गया है.