Bihar News: सूबे के सभी CO आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए.. कर्मचारी पहले से ही स्ट्राइक पर हैं, सारा काम हुआ ठप कौन है ईशान किशन की गर्लफ्रेंड अदिति हुंडिया: टीम इंडिया की वर्ल्ड कप जीत के बाद वायरल हुई दोनों की रोमांटिक तस्वीरें NEET Student Case : मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में देरी पर CBI सख्त, सस्पेंड थानेदार और SDPO से फिर होगी पूछताछ Bihar News : कोसी नदी में नहाने गए 5 दोस्तों में 3 किशोर डूबे, परिजनों में कोहराम Patna Crime News : पटना में बेखौफ हुए अपराधी ! दो बाइक से आए 4 नकाबपोश अपराधियों ने चाय दुकान के पास चलाई तीन गोलियां Bihar Police : अब आसमान से रहेगी अपराधियों पर नजर, बिहार पुलिस के लिए 50 हाई-टेक ड्रोन खरीदेगी सरकार; इतने करोड़ रुपए होंगे खर्च Bihar politics : बिहार को इस दिन मिल सकता है नया CM चेहरा, BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कर दिया क्लियर; जानिए किसे मिल रही मुख्यमंत्री की कुर्सी Bihar Road News : पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे पर ब्रेक! बिहार की 3 सड़क परियोजनाएं अटकी, चेक करें आपके गांव का रूट Bihar Police : DSP और 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट ने जारी किया गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट, जानें क्या है मामला Bihar News : बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली के नियम बदलेंगे, जान लीजिए क्या होगा एग्जाम पैटर्न और पात्रता से जुड़ी शर्तें
24-Jul-2024 08:51 AM
By First Bihar
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 3.0 के पहले बजट को पेश कर दिया। इस बजट के दौरान सभी की नजरें रेलवे को लेकर होने वाली घोषणाओं पर लगी रहीं। हालांकि, बजट के दौरान सिर्फ एक बार ही रेलवे शब्द का जिक्र किया गया। लेकिन बजट के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने करोड़ों रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज दी है।
रेल मंत्री ने मिडिल क्लास और कम आय वाले परिवारों को खुशखबरी देते हुए बताया है कि रेलवे अभी ढाई हजार नॉन-एसी कोच बना रहा है और अगले तीन सालों में दस हजार और एक्स्ट्रा नॉन एसी कोच बनाए जाएंगे। रेलवे का उद्देश्य यह है कि कम आय वाले परिवार और मिडिल क्लास किफायती कीमत पर सुरक्षित यात्रा कर सकें। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि साल 2014 से पहले रेलवे के लिए पूंजीगत व्यय पर निवेश 35,000 करोड़ रुपये के आसपास हुआ करता था। आज यह 2.62 लाख करोड़ रुपये है। यह रेलवे के लिए रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय है। मैं रेलवे में इस तरह के निवेश के लिए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का बहुत आभारी हूं।
रेल मंत्री ने कहा हम 2014 से पहले के 60 सालों को देखें तो नई ट्रेनों की घोषणा बिना यह सुनिश्चित किए की जाती थी कि पटरियों में क्षमता है या नहीं। बिल्कुल लोकलुभावन उपाय किए गए जिनका रेलवे के बुनियादी ढांचे की स्थिति से कोई संबंध नहीं था। पिछले 10 सालों में प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित करने पर बड़े पैमाने पर ध्यान केंद्रित किया है कि नींव ठीक से तैयार हो।
उधर, रेल मंत्री से सवाल किया गया कि क्या रेलवे का फोकस वंदे भारत और फ्लैगशिप ट्रेनों पर रहेगा और गरीबों के लिए ट्रेनों पर नहीं तो मंत्री ने जवाब दिया कि दृष्टिकोण यह है कि हमारे पास एक बड़ा निम्न-आय वर्ग है और हम उस वर्ग को संबोधित कर रहे हैं और फिर एक आकांक्षी वर्ग है जो आगे आ रहा है। उस आकांक्षी वर्ग को भी संबोधित करने की जरूरत है, इसलिए हम दोनों को संबोधित कर रहे हैं।
रेल मंत्री ने आगे कहा, ''एसी और गैर एसी कोचों का अनुपात आम तौर पर 1/3 और 2/3 रहा है। उस अनुपात को बनाए रखा गया है। गैर एसी यात्रा की मांग अब बढ़ गई है। अधिक से अधिक लोग यात्रा कर रहे हैं, अधिक से अधिक लोग गैर एसी सेगमेंट के लिए यात्रा सेवाओं की मांग कर रहे हैं। इसलिए हमने एक विशेष अभियान चलाया है। हम 2,500 गैर-AC कोच बना रहे हैं और आने वाले तीन वर्षों में हम नियमित उत्पादन कार्यक्रम के अलावा 10,000 अतिरिक्त गैर-AC कोच बनाएंगे।''