Bihar Police : अब आसमान से रहेगी अपराधियों पर नजर, बिहार पुलिस के लिए 50 हाई-टेक ड्रोन खरीदेगी सरकार; इतने करोड़ रुपए होंगे खर्च

बिहार सरकार पुलिस आधुनिकीकरण के तहत 50 हाई-टेक ड्रोन खरीदेगी। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि 24.50 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे जाने वाले ये ड्रोन भीड़ नियंत्रण, अपराध निगरानी और आपदा प्रबंधन में मदद करेंगे।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 09, 2026, 9:18:04 AM

Bihar Police : अब आसमान से रहेगी अपराधियों पर नजर, बिहार पुलिस के लिए 50 हाई-टेक ड्रोन खरीदेगी सरकार; इतने करोड़ रुपए होंगे खर्च

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Bihar Police : बिहार में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक से लैस बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री Samrat Choudhary ने घोषणा की है कि बिहार पुलिस के लिए 50 हाई-टेक ड्रोन खरीदे जाएंगे। इन ड्रोन की खरीद पर करीब 24.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस की कार्य क्षमता बढ़ेगी और राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।


डिप्टी सीएम ने बताया कि यह पहल पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत की जा रही है। इन ड्रोन को बिहार पुलिस की निगरानी प्रणाली में शामिल किया जाएगा ताकि विभिन्न तरह के अभियानों में पुलिस को तकनीकी मदद मिल सके। खासकर भीड़ नियंत्रण, अपराधियों पर नजर रखने और संवेदनशील इलाकों की निगरानी में ड्रोन काफी उपयोगी साबित होंगे।


सम्राट चौधरी ने कहा कि बड़े कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन के माध्यम से ऊपर से निगरानी की जा सकेगी। इससे पुलिस को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत मिल जाएगी और समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी। अक्सर देखा जाता है कि बड़े आयोजनों में भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस के लिए चुनौती बन जाता है। ऐसे में ड्रोन के जरिए पूरे इलाके पर नजर रखना आसान हो जाएगा।


इसके अलावा अपराध नियंत्रण में भी ड्रोन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कई बार अपराधी भीड़ या तंग गलियों का फायदा उठाकर फरार हो जाते हैं, लेकिन हवाई निगरानी के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। इससे अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को अतिरिक्त मदद मिलेगी।


सरकार ने यह भी बताया कि ड्रोन का इस्तेमाल उन क्षेत्रों में भी किया जाएगा जहां सामान्य तरीके से निगरानी करना कठिन होता है। बिहार में कई ऐसे इलाके हैं जहां सड़क या अन्य साधनों से पहुंचना मुश्किल होता है, जैसे नदी के किनारे वाले क्षेत्र या दूर-दराज के ग्रामीण इलाके। इन जगहों पर ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी की जा सकेगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंच सकेगी।


ड्रोन तकनीक का उपयोग आपदा प्रबंधन के दौरान भी किया जाएगा। बिहार में हर साल बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं बड़ी चुनौती बनकर सामने आती हैं। ऐसे समय में प्रभावित क्षेत्रों की सही स्थिति का आकलन करना काफी मुश्किल होता है। ड्रोन की मदद से बाढ़ प्रभावित इलाकों की तस्वीरें और वीडियो तुरंत मिल सकेंगे, जिससे राहत और बचाव कार्यों को तेजी से संचालित किया जा सकेगा।


डिप्टी सीएम ने कहा कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुभव का भी लाभ लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल जैसे केंद्रीय सशस्त्र बल पहले से ही ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में उनके तकनीकी मानकों और अनुभव को ध्यान में रखते हुए बिहार पुलिस को भी बेहतर और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी।


सरकार का मानना है कि आने वाले समय में ड्रोन तकनीक पुलिसिंग का अहम हिस्सा बनने वाली है। इससे न सिर्फ निगरानी क्षमता बढ़ेगी बल्कि अपराध नियंत्रण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी पुलिस की कार्यक्षमता बेहतर होगी। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार लगातार पुलिस बल को आधुनिक उपकरणों से लैस करने की दिशा में काम कर रही है।


बिहार पुलिस में ड्रोन तकनीक के शामिल होने से उम्मीद जताई जा रही है कि सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी और अपराधियों पर प्रभावी तरीके से निगरानी रखी जा सकेगी। साथ ही आपात स्थितियों में भी प्रशासन को त्वरित और सटीक जानकारी मिल पाएगी, जिससे आम जनता को बेहतर सुरक्षा और राहत मिल सकेगी।