नए साल का जश्न मातम में बदला: भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत, परिजनों में मचा कोहराम बगहा: शॉर्ट सर्किट से दो घरों में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान, खूंटे में बंधी 4 बकरियां जिंदा जली बांग्लादेश में एक और हिंदू को जिंदा जलाने की कोशिश, चाकुओं से गोदकर शरीर पर डाला पेट्रोल बिहार बाल वैज्ञानिक शोध कार्यक्रम 2025: विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम, 14वीं बार राज्य पुरस्कार के लिए हुआ चयन Bihar Bhumi: नए साल के पहले दिन जमीन मालिकों को नया तोहफा...CO-DCLR की मनमानी पर चला हथौड़ा ! संविधान के अनुच्छेद-14 और Parity Principle का हर हाल में करना होगा पालन Vande Bharat Sleeper Train: नए साल के पहले दिन देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात, किराया और रूट तय; जानिए.. Vande Bharat Sleeper Train: नए साल के पहले दिन देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात, किराया और रूट तय; जानिए.. मां को जन्मदिन की बधाई: राबड़ी देवी के जन्मदिन पर तेज प्रताप ने किया भावुक पोस्ट, कहा..जब बुरा वक्त था तब भी आप मेरे साथ खड़ी थीं Bihar Crime News: नए साल के जश्न के बीच बिहार में गला रेतकर युवक की हत्या, भूमि विवाद में मर्डर की आशंका Bihar Crime News: नए साल के जश्न के बीच बिहार में गला रेतकर युवक की हत्या, भूमि विवाद में मर्डर की आशंका
20-Aug-2021 09:33 PM
PATNA: असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर नियुक्ति को लेकर बीपीएससी द्वारा अर्हता प्राप्त उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द किए जाने के मामले पर पटना हाईकोर्ट में आज सुनवाई की गयी। जस्टिस चक्रधारी एस सिंह ने आशना, अनामिका व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इन उम्मीदवारों की उम्मीदवारी इस आधार पर रद्द नहीं की जा सकती है कि इन्होंने यूनिवर्सिटी द्वारा जारी सर्टिफिकेट को प्रस्तुत नहीं किया।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि आयोग द्वारा 2017 में जारी विज्ञापन में इस पद पर बहाली के लिए आवेदन मांगा था। याचिकाकर्ता तीनों उम्मीदवारों ने पीटी और मेंस की लिखित परीक्षा को पास करने के बाद इंटरव्यू में शामिल हुए लेकिन बाद में आयोग ने यह कहते हुए इनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी कि बी- टेक का प्रोविजनल सर्टिफिकेट बी-आईटी सिंदरी द्वारा जारी किया गया है ना कि विनोबा भावे यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किया गया है।
आयोग ने साक्षात्कार में सफल उम्मीदवारों की भी उम्मीदवारी को रद्द कर दी। याचिकाकर्ता का कहना था कि विनोबा भावे विश्विद्यालय से पास बहुत से अन्य उम्मीदवार जो कि सिर्फ प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्रस्तुत किये थे। उन्हें इस विज्ञापन संख्या - 02/ 2017 में सफल घोषित किया गया था। BPSC ने उन सभी सफल उम्मीदवारों की भी उम्मीदवारी रद्द कर दी थी। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों के दलीले सुनने के बाद ऐसे सभी उम्मीदवारों के संदर्भ में BPSC द्वारा उम्मीदवारी निरस्त करने के फैसले को रद्द कर दिया।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता हर्ष सिंह ने कोर्ट को बताया कि आयोग ने उम्मीदवारों की उम्मीदवारी महज इसलिए रद कर दी कि उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा जारी किया गया सर्टिफिकेट पेश नहीं किया था। एकल पीठ ने मामले का अवलोकन करने के बाद बीपीएससी के निर्णय को निरस्त करते हुए याचिका को स्वीकृति दे दी। पटना हाईकोर्ट के इस फैसले से कई अभ्यर्थियों को राहत मिली है लेकिन अब यह देखना होगा कि बीपीएसपी इस मामले पर क्या कदम उठाती है।