विवेका पहलवान की पुण्यतिथि पर 3 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय महा दंगल, आयोजन स्थल का जायजा लेने पहुंचे अनंत सिंह Bihar News: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र को भी धनवान बना दिया, छह ठिकानों पर रेड में जमीन के 25 डीड मिले, चाय बगान से लेकर नर्सिंग होम और भी बहुत कुछ.... सुकृष्णा कॉमर्स एकेडमी का कार्यक्रम: ‘प्रतिभा सम्मान समारोह सह ओरिएंटेशन प्रोग्राम 2026’ का भव्य आयोजन “तुमसे सुंदर तो मेरी कामवाली है…” SHO का महिला के साथ अभद्र व्यवहार, वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप मुजफ्फरपुर: सादे लिबास में पुलिस की पैनी नजर, हथियार सहित युवक गिरफ्तार बिहार में अपराधियों का तांडव जारी: ऑटो चालक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या मुंगेर में करोड़ों की लागत से बना विद्युत शवदाह गृह बंद, लोग खुले में अंतिम संस्कार करने को मजबूर इश्क बना मौत का जाल… बेटी के प्यार से भड़के पिता ने रची खौफनाक साजिश, जंगल में लटका मिला प्रेमी जोड़ा गोपालगंज: कृष्णा सिंह हत्याकांड का खुलासा, 5 अपराधी गिरफ्तार अब नहीं मिलेगा ‘रेटॉल पेस्ट’… बिहार सरकार का बड़ा फैसला, ऑनलाइन-ऑफलाइन बिक्री पर पूरी तरह रोक
30-May-2023 03:19 PM
By Aryan Anand
PATNA: बिहार में नई शिक्षक नियुक्ति नियमावली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नई नियमावली के लगातार विरोध के बाद सरकार उसमें संशोधन भी कर रही है। इसी बीच महागठबंधन की सरकार में सहयोगी बनी माले ने अपनी ही सरकार की शिक्षक नियुक्ति नियमावली पर सवाल उठा दिया है। माले विधायक संदीप सौरभ ने कहा है कि महागठबंधन के सात में 6 दल इस बात पर सहमत हैं कि सरकार ने शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के लिए बीपीएससी से परीक्षा कराने का जो फैसला लिया है उसे वापस ले।
पालीगंज के माले विधायक संदीप सौरभ ने कहा है कि बिहार सरकार जो नई शिक्षक नियुक्ति नियमावली लेकर आई है उसे लाने से पहले सरकार ने न तो शिक्षक संघों से बात की और ना ही अभ्यर्थियों के संघ से ही किसी तरह का विचार विमर्श किया। सरकार को शिक्षक संगठनों और अभ्यर्थियों के संगठन से बातचीत करने के बाद ही इस नियमावली को लागू करना चाहिए था।
उन्होंने सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाया जिसमें कहा गया कि सभी नियोजित शिक्षकों को बीपीएससी के माध्यम से परीक्षा देनी होगी और परीक्षा में सफल होने के बाद ही उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा मिल सकेगा। जब सरकार शिक्षकों का नियोजन कर चुकी है तब उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा देने के लिए बीपीएससी का परीक्षा दिलाने की क्या जरूरत है। ये सब बकवास बातें हैं इससे शिक्षा में किसी तरह का सुधार नहीं होने वाला है।
संदीप सौरभ ने कहा कि जो शिक्षक बीपीएससी की परीक्षा में फेल कर जाएंगे और वही शिक्षक बच्चों को पढ़ाने जाएंगे तो उसे शिक्षा के स्तर में क्या बदलाव आ पाएगा। उन्होंने कहा कि नियोजित शिक्षकों की इस समस्या को लेकर वे खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से मुलाकात कर चुके हैं। जिस वक्त बीपीएससी और शिक्षा विभाग की बैठक हो रही थी उस वक्त महागठबंधन की भी एक बैठक चल रही थी।
माले विधायक ने कहा कि महागठबंधन के सात दलों में 6 दल इस बात पर सहमत हैं कि नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के लिए बीपीएससी परीक्षा देने का जो प्रावधान बनाया गया है उसे वापस लेना चाहिए। राष्ट्रीय जनता दल भी इस पक्ष में है और इसे गलत बता रही है। माले विधायक ने कहा है कि जल्द ही सभी 6 दलों के नेता एक बार फिर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और इसपर फिर से विचार करने का आग्रह करेंगे।