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29-Aug-2023 12:37 PM
By First Bihar
PATNA : बिहार में हुई जातीय गणना को लेकर बीते कल सुप्रीम कोर्ट ने दायर याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने भी अब इस मामले में एंट्री मारी है। गृह मंत्रालय की ओर से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया गया जनगणना का अधिकार राज्य के पास नहीं है। यह केंद्र का अधिकार है। हालांकि,राज्य सरकार सर्वें करवा सकती है। जिसके बाद अब इस पुरे मामले को लेकर बिहार की राजनीती गर्म हो गई। इस मामले में बिहार सरकार के वित्त मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि - उच्चतम न्यायालय में कल जो हलफनाम हुआ है वह बिहार के गरीब लोगों के हित के बिलकुल विपरीत हुआ है। कई लोगों ने इसमें शुरू से ही बाधा लाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
दरअसल, केंद्र सरकार ने बिहार में जातीय जनगणना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दायर किया है. इसमें केंद्र ने हलफनामे के पैरा-5 को हटा दिया है, जिसमें कहा गया था कि जनगणना या जनगणना जैसी कोई प्रक्रिया कराने का अधिकार केंद्र सरकार को ही है। इसके बाद इस मामले को लेकर बिहार सरकार ने मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करवाई है। वित्त मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि - जातीय गणना के मामले में उच्चतम न्यायालय में कल हलफनाम हुआ है। यह बिहार के गरीब लोगों के हित के बिलकुल विपरीत हुआ है। शुरू से ही कई लोगों ने इसमें बाधा लाने को कोशिश की है। लेकिन, सरकार की मुस्तैदी से सब अच्छा हुआ है।
विजय चौधरी ने कहा कि - केंद्र सरकार ने हलफनामे में जो कहा है कि यह ना उसके पक्ष में है ना विपक्ष में। ये बस एक षड्यंत्रकारी कदम है। अब लोगों के सामने जातीय गणना के मामले में भाजपा का असली चेहरा लोगों के सामने आ गया है। जो केंद्र सरकार ने हलफनामा में कहा है वो बिहार सरकार हमेशा कहते आ रही है। ये जातीय गणना नहीं बल्कि जाति आधारित गणना है। जनगणना कराना भारत सरकार का काम है। उन्होंने ने जो कुछ भी हलफनामे में दिया है उसका प्रसंग क्या है। उनका कहना था की जनगणना कराना केंद्र सरकार का काम है,भारत सरकार को छोड़ कर कोई और बॉडी ये काम नही कर सकता है।इसका हमलोग प्रोटेस्ट कहा कर थ।
हमलोग हर तबके के लिए ये करा रहे हैं। लेकिंन उसको बाधित करने के लिए ये सब किया जा रहा है। केंद्र सरकार बिहार सरकार के काम को किसी तरह बस रोकना चाहती है। केंद्र सरकार यह गृह मंत्रालय को हलफनामा देने का क्याऔचित्य था ,इसका क्या कारण था। इस काम में हर बार बाधा डालने से अब बीजेपी के असली चेहरे को उजागर करता है। सबसे पहले बिहार में सर्वदलीय बैठक में बीजेपी ने भी सहमति दी थी और अब केंद्र सरकार इसे रोक रही है। तो फिर कौन बीजेपी सही है बिहार वाली या केंद्र वाली।
विजय चौधरी ने कहा कि, राज्य सरकार तो शुरू से के रही है कि यह काम केंद्र का है। जातीय आधारित गणना हो रहा है और आंकड़े आएंगे। सबसे पहले सही आंकड़े चाहिए। आज तक सही आंकड़े नहीं आए। अलग -अलग जातियों के प्रतिशत नही आते। हर जात में जो गरीब लोग हैं उनकी पहचान भी हो रही है।अगर एक बार प्रमाणित आंकड़े आजाएंगे तो भविष्य में आने वाली सरकार को योजना बनाने में आसान होगा।