Madhepura Medical College : मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत पर परिजनों ने डॉक्टर पर किया हमला, रणक्षेत्र बना अस्पताल Dial 112 : डायल 112 (ERSS) ड्राइवरों की सेवा अवधि 1 साल बढ़ी, वेतन 30,000 और वर्दी भत्ता 4,000 तय Patna Collegiate School : शिक्षा विभाग में बड़ा झोल ! सरकारी आवास में रहते हुए लिया आवास भत्ता, जांच के आदेश Vande Bharat Sleeper Express : मुजफ्फरपुर–नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की उम्मीद जगी, रेलवे बोर्ड को भेजा गया प्रस्ताव NEET aspirant death Patna : नीट छात्रा की मौत मामले में निर्णायक मोड़ पर पहुंची SIT जांच ! फॉरेंसिक व एम्स रिपोर्ट का इंतजार Bihar ration card eKYC : बिहार में 1.56 करोड़ राशन कार्ड धारको के मुफ्त राशन पर संकट, जानिए क्या है वजह Saraswati Puja : भारत और खासकर बिहार में आज सरस्वती पूजा की धूम, ज्ञान की देवी के जयकारों से गूंजा हर कोना Bihar Crime News: बिहार में JDU का पूर्व जिला प्रवक्ता गिरफ्तार, वैशाली पुलिस ने यहां से किया अरेस्ट; क्या है मामला? Bihar Crime News: जंगल में पेड़ से लटके दो नर कंकाल मिलने से सनसनी, ऑनर किलिंग की आशंका Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
14-Sep-2020 08:12 PM
PATNA : इस वक्त एक बड़ी खबर पटना से सामने आ रही है. केन्द्रीय चयन पर्षद की ओर से आयोजित 11880 पदों के लिए सिपाही भर्ती परीक्षा पर ग्रहण लग सकता है. होमगार्ड के लिए पचास फीसदी सीट सुरक्षित किये जाने के बावजूद भी बहुत कम उम्मीदवारों को मौक़ा देने को लेकर पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार से जवाब मांगा है. पटना उच्च न्यायालय ने बिहार सरकार को 4 सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है.
पटना हाई कोर्ट ने 11880 पदों के लिए बिहार पुलिस बहाली मामले में होमगार्ड के लिए पचास फीसदी सीट सुरक्षित किये जाने के बावजूद मात्र 1388 होमगार्ड को शारीरिक परीक्षा में बुलाये जाने के मामले में राज्य सरकार से जबाब तलब किया है. न्यायमूर्ति शिवाजी पाण्डेय की एकलपीठ ने मामले पर सुनवाई की. कोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है.
होमगार्ड की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार तथा प्रशांत कश्यप ने अदालत को बताया कि 11880 पदों पर सिपाही की बहाली के सरकार की ओर से एक विज्ञापन प्रकाशित किया गया था. विज्ञापन में पचास फीसदी सीट होमगार्ड के जवानों के लिए सुरक्षित की गई थी, लेकिन मात्र 1388 होमगार्ड जवानों को ही फीजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया. कोर्ट ने याचिका में उठाये गए सवालों का जबाब राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर देने का निर्देश दिया है.

गौरतलब है कि इस भर्ती परीक्षा के जरिए बिहार में पुलिस कांस्टेबल के 11,880 पद भर जाने हैं. इस सीएसबीसी भर्ती परीक्षा के लिए 12 जनवरी और 8 मार्च को परीक्षाओं का आयोजन किया गया था. 12 जनवरी को आयोजित हुई परीक्षा में 6,68,016 उम्मीदवार शामिल हुए थे. जबकि 8 मार्च की परीक्षा में 5,96,641 उम्मीदवार शामिल हुए थे. बिहार पुलिस में सिपाही की बहाली कोरोना के फेर में फंस गई है. कॉपियों की जांच लॉक डाउन के चलते पूरी नहीं हो पाई है.
👉 यहां क्लिक कर देखिये पूरा रिजल्ट
केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा परीक्षा आयोजित की जा रही है। पर्षद ने लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक परीक्षा के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी थी. गर्दनीबाग स्थित स्टेडियम की बुकिंग 15 अप्रैल से की गई थी. पर लॉक डाउन के चलते इसे एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया. पर 15 मई से भी यह संभव नहीं लग रहा. पर्षद के मुताबिक लिखित परीक्षा का परिणाम आने के बाद सफल अभ्यर्थियों को शारीरिक परीक्षा में शामिल होने के लिए कम से कम 21 दिनों का वक्त दिया जाता है. ऐसे में मई में भी शारीरिक परीक्षा आयोजित करना पाना संभव नहीं लग रहा.
बिहार पुलिस में सिपाही के 11880 पदों पर बहाली की प्रक्रिया चल रही है. इसके तहत पहले लिखित परीक्षा हुई. इसके आधार पर शारीरिक परीक्षा के लिए पद के मुकाबले पांच गुना अभ्यर्थियों का चयन होगा. शारीरिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की मेधा सूची तैयार की जाएगी. शारीरिक दक्षता परीक्षा के तहत अभ्यर्थियों को दौड़, ऊंची कूद और गोला फेंक में भाग लेना होगा.