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06-Jan-2023 07:00 AM
PATNA : बिहार में पछुआ हवा में आई तेजी से राज्य में कनकनी का प्रसार बढ़ा है। इसके कारण अधिकतम तापमान के साथ अब न्यूनतम तापमान में लगातार कमी आ रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन तक सूबे में ठंड में और बढ़ोतरी होगी। इससे राज्य में कई जगहों पर शीतलहर या शीत दिवस की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के उत्तर-पूर्व के छह जिलों को छोड़कर पूरे राज्य में कोल्ड डे की चेतावनी जारी कर दी गई। इसके पीछे न्यूनतम तापमान में तेजी से संभावित गिरावट मानी जा रही है। अगले दो दिन राज्य के 32 जिलों में संभावित कोल्ड डे को देखते हुए लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। बाकी अन्य छह जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में घने कोहरे की स्थिति इन दो दिनों में रहेगी।
बता दें कि, राज्य के अंदर अचानक से ठंड बढ़ने की मुख्य वजह अब तक आसमान में कोहरा और बादल होने से अधिकतम तापमान का नीचे आना बताया जा रहा है। इसके कारण राज्य के अंदर ही बिहार में शीतलहर जैसे हालात बन रहे थे। अब पछुआ के प्रबल होने से बादल छंटने लगे हैं। न्यूनतम तापमान में आने वाली गिरावट से शीत दिवस की स्थिति शुरू हो गई है। अगर इसी तरह पछुआ हवाओं का प्रवाह बढ़ता रहा तो कई जिलों में एक साथ शीतलहर और शीत दिवस की स्थिति बन सकती है। हालांकि पछुआ के प्रभावी होने का एक लाभ यह भी होगा कि बादल छंटेंगे और दिन में धूप खिलने से दोपहर में ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है।
वहीं, बात करें अगर राजधानी पटना की तो यहां अधिकतम तापमान 14 डिग्री से नीचे आ गया है। गुरुवार को भी पटना में कड़ाके की ठंड की स्थिति बनी रही और अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री नीचे 13.4 पर पहुंच गया है। न्यूनतम तापमान में दशमलव अंकों में आई कमी की वजह से गुरुवार को सुबह में भी ठंड महसूस हुई। हालांकि दिन में आंशिक धूप की स्थिति दस से 15 मिनट के लिए बनी लेकिन फिर बादल छा गए। शाम ढलते ही पूरी तरह कनकनी बढ़ गई। पटना में पछुआ और उत्तर पछुआ हवाओं की रफ्तार आठ से दस किमी प्रति घंटे तक रही। जिसके कारण ठंड बढ़ी हुई है।
इधर, इसको लेकर मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल आठ जनवरी तक ठंड की स्थिति राज्यभर में बनी रहेगी। इसके बाद मौसम में आंशिक सुधार के आसार हैं। बिहार के कई जिले दिनभर कोल्ड डे की चपेट में रहे। इसके साथ ही मौसम विभाग ने भीषण शीत दिवस की चेतावनी जारी की। पूर्णिया, सबौर (भागलपुर), डेहरी (रोहतास) और मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) भी शीत दिवस की चपेट में रहे। इन शहरों न्यूनतम तापमान मानक से काफी नीचे था, इस वजह से शीत दिवस की घोषणा की गई। राज्यभर में सबसे कम न्यूनतम तापमान फारबिसगंज में सात डिग्री सेल्सियस जबकि सबसे कम अधिकतम तापमान पूसा में 11.8 डिग्री दर्ज किया गया । पूसा में अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच दो डिग्री से भी कम का फासला रह गया है।