ब्रेकिंग न्यूज़

हॉस्पिटल बंद करो..डॉक्टर यहां नहीं रहता है, युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने किया हंगामा छपरा में हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, STF ने 5 तस्करों को दबोचा ‎उच्च न्यायालय का आदेश भी नहीं मान रहा पटना आईआईटी, सैकड़ों स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर लगा: देव ज्योति कौन होगा बिहार का नया सीएम? मीडिया के इस सवाल पर बोले आनंद मोहन, कहा..BJP में पर्ची से तय होता है नाम बेगूसराय में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: 12 हजार घूस लेते आपूर्ति पदाधिकारी और डीलर गिरफ्तार घूसखोर ESI की गिरफ्तारी का विरोध: परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने किया काम-काज ठप चिराग के सामने नरम पड़े पारस, करने लगे पार्टी और परिवार को एक करने की मांग, कहा..भतीजा CM बनें तो खुशी होगी नीतीश के गृह क्षेत्र नालंदा का मामला पप्पू यादव ने लोकसभा में उठाया, कहा..दोषियों को मिले फांसी की सजा बिहार में भीषण सड़क हादसा: बाप-बेटा समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत, दो बाइक की हुई सीधी भिड़ंत बिहार में भीषण सड़क हादसा: बाप-बेटा समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत, दो बाइक की हुई सीधी भिड़ंत

Home / news / बिहार : UPSC एग्जाम में फर्जीवाड़ा कर बन गया डिप्टी कमिश्नर, सीबीआई जांच...

बिहार : UPSC एग्जाम में फर्जीवाड़ा कर बन गया डिप्टी कमिश्नर, सीबीआई जांच में जाली सर्टिफिकेट का हुआ खुलासा

11-Aug-2021 08:23 AM

PATNA : हैरत में डाल देने वाली फर्जीवाड़े की एक कहानी सामने आई है. मामला यूपीएससी यानी देश की सबसे बड़ी परीक्षा में फर्जीवाड़े से जुड़ा है.  बेतिया के रहने वाले राजेश कुमार नाम के एक शख्स ने देश की सबसे प्रमुख और प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की परीक्षा में फर्जीवाड़ा किया. साल 2007 में आयोजित परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर लिया और डिप्टी कमिश्नर बन गया. सीबीआई ने जब पूरे मामले की जांच की तो हकीकत सामने आ गई.


बेतिया का रहने वाला राजेश कुमार साल 2007 में यूपीएससी एग्जाम पास होकर गया. लेकिन सर्टिफिकेट में हेराफेरी करके सर्टिफिकेट में हेराफेरी के जरिए राजेश नवनीत कुमार बन गया और फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर वह आईआरएस की परीक्षा पास कर सेंट्रल जीएसटी के कार्यालय में डिप्टी कमिश्नर हो गया. पटना में मुख्य कमिश्नर के कार्यालय में डिप्टी कमिश्नर बनकर नवनीत अपनी सेवा दे रहा था. इसका खुलासा सीबीआई ने अपनी जांच में किया है. सीबीआई ने अपनी जांच में पाया है कि पश्चिम चंपारण के बेतिया के रहने वाले राजेश कुमार और डिप्टी कमिश्नर बना नवनीत कुमार एक ही व्यक्ति है. राजेश कुमार ने जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक प्रमाण पत्र में हेराफेरी कर खुद को नवनीत कुमार बना लिया.


इस मामले में जब सीबीआई को शिकायत मिली तो साल 2019 में जालसाजी धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच की शुरुआत की गई. सीबीआई ने इस मामले में जांच पूरा करते हुए 30 जुलाई को पटना सीबीआई कोर्ट में राजेश उर्फ नवनीत कुमार उर्फ बबलू के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है. इसके बाद सीबीआई कोर्ट ने अलग-अलग अपराधिक धाराओं के तहत संज्ञान लिया.


कोर्ट ने इस मामले में आरोपित राजेश कुमार उर्फ नवनीत कुमार को कोर्ट में उपस्थित होने के लिए समन जारी करने का निर्देश भी दिया है. सीबीआई ने जो जांच की है, उसमें पाया गया है कि राजेश कुमार पिता जय नारायण शर्मा पश्चिम चंपारण के बेतिया का रहने वाला है और जवाहर नवोदय विद्यालय में 1987 में उसने पढ़ाई की. उसके जन्म प्रमाण पत्र में 5 दिसंबर 1974 है. राजेश ने एक अपराधिक साजिश के तहत जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक प्रमाण पत्र में किया और यूपीएससी की परीक्षा 2007 में आईआरएस क्वालीफाई कर लिया और सेंट्रल जीएसटी में डिप्टी कमिश्नर बन बैठा.