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बिहार में फिर धराशायी हुआ भ्रष्टाचार का पुल: देखते ही देखते नदी में समाया पुल का हिस्सा, करोड़ों की लागत से बकरा नदी पर हो रहा था निर्माण

बिहार में फिर धराशायी हुआ भ्रष्टाचार का पुल: देखते ही देखते नदी में समाया पुल का हिस्सा, करोड़ों की लागत से बकरा नदी पर हो रहा था निर्माण

18-Jun-2024 04:13 PM

By First Bihar

ARARIA: बिहार में एक बार फिर एक निर्माणाधीन पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। अररिया में बकरा नदी पर बन रहा पुल देखते ही देखते धराशायी हो गया। पुल का एक हिस्सा नदी में समा गया और उसके तीन पाये पानी में बह गए। हाल ही में भागलपुर में अगुवानी पुल ध्वस्त हो गया था। जिसको लेकर खुब सियासत हुई थे बावजूद इसके सरकार ने उस घटना से सीख नहीं ली और एक बार फिर पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।


जानकारी के मुताबिक, अररिया के बकरा नदी पर 12 करोड़ की लागत से इस पुल का निर्माण कराया जा रहा था। बकरा नदी और कुर्साकाटा के बीच डोमरा बांध पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। मंगलवार की दोपहर नदी में पानी का बहाव जैसे ही तेज हुआ, देखते ही देखते पुल का एक हिस्सा नदी में समा गया। पुल के तीन पाया पानी में बह गए। इस घटना के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई है।


घटना की जानकारी मिलने के बाद निर्माण कंपनी के अधिकारियों समेत जिले के तमाम बड़े अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे हैं और हालात का जायजा ले रहे हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण करोड़ों की लागत से बन रहा पुल पानी में बह गया है।


ग्रामीणों का कहना था कि अगर विभागीय अधिकारियों के आंखों पर संवेदक की मेहरबानी का पर्दा नहीं पड़ता तो आज बकरा नदी पर बन रहा पड़रिया पुल नदी के गर्भ में नहीं समाता। पुल के बनने से इलाके के लोगों में बड़ी उम्मीद जगी थी लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और संवेदक की मनमानी के कारण करोड़ों रुपए पानी में बह गए। इलाके के लोगों ने संवेदक और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।



ARARIA: बिहार में एक बार फिर एक निर्माणाधीन पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। अररिया में बकरा नदी पर बन रहा पुल देखते ही देखते धराशायी हो गया। पुल का एक हिस्सा नदी में समा गया और उसके तीन पाये पानी में बह गए। हाल ही में भागलपुर में अगुवानी पुल ध्वस्त हो गया था। जिसको लेकर खुब सियासत हुई थे बावजूद इसके सरकार ने उस घटना से सीख नहीं ली और एक बार फिर पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।


जानकारी के मुताबिक, अररिया के बकरा नदी पर 12 करोड़ की लागत से इस पुल का निर्माण कराया जा रहा था। बकरा नदी और कुर्साकाटा के बीच डोमरा बांध पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। मंगलवार की दोपहर नदी में पानी का बहाव जैसे ही तेज हुआ, देखते ही देखते पुल का एक हिस्सा नदी में समा गया। पुल के तीन पाया पानी में बह गए। इस घटना के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई है।


घटना की जानकारी मिलने के बाद निर्माण कंपनी के अधिकारियों समेत जिले के तमाम बड़े अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे हैं और हालात का जायजा ले रहे हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण करोड़ों की लागत से बन रहा पुल पानी में बह गया है।


ग्रामीणों का कहना था कि अगर विभागीय अधिकारियों के आंखों पर संवेदक की मेहरबानी का पर्दा नहीं पड़ता तो आज बकरा नदी पर बन रहा पड़रिया पुल नदी के गर्भ में नहीं समाता। पुल के बनने से इलाके के लोगों में बड़ी उम्मीद जगी थी लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और संवेदक की मनमानी के कारण करोड़ों रुपए पानी में बह गए। इलाके के लोगों ने संवेदक और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।